मैनपुरी। एक महिला को ससुराल के लोगों ने दहेज की मांग पूरी नहीं होनेे पर घर से निकाल दिया। उसको मायके में भी सहारा नहीं मिला। पति के खिलाफ मुकदमा दायर किया तो वकील नहीं कर सकी। पीड़िता ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा लड़ने के लिए निशुल्क वकील दिलाने की मांग की है।
शहर के एक मोहल्ला की रहने वाली प्रीती चौहान की शादी रिंकल के साथ हुई है। रिंकल तथा परिवार के लोग उसका दहेज की मांग करके मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न करते हैं। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर प्रीती को ससुराल से निकल दिया है। पीड़िता प्रीती चौहान ने अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन/ न्यायिक मजिस्ट्रेट (महिला के खिलाफ अपराध) के न्यायालय में मुकदमा दायर किया है। इस मुकदमे में 25 जून को सुनवाई होनी है।
पीडि़ता ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र दिया है। कहा है कि उसको ससुराल से निकाल दिया गया है। मायके में उसका सहारा नहीं है। उसकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। वह वकील नहीं कर सकती है। उसको न्याय हित में मुकदमा लडऩे के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निशुल्क वकील दिलाया जाए। ताकि उसके विचाराधीन मुकदमे में प्रभावी पैरवी हो सके।
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महिला ने मुकदमा लड़ने के लिए निशुल्क वकील दिलाने की मांग की है। उसके प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेने के बाद न्याय हित में मुकदमे में प्रभावी पैरवी के लिए पैनल लॉयर विशाल तोमर को निशुल्क अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया है।-विमलेश सरोज, प्रभारी सचिव प्राधिकरण