महिला की माैत के बारे में जानकारी देते परिजन।
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आगरा में परशुराम चौक पर जूते-चप्पल पहनकर चढ़ने और नीले झंडे लगाने के मामले में प्रकाश में आए किशोर से पूछताछ के लिए पुलिस ने दबिश दी। किशोर तो मिला नहीं मगर पुलिस परिजन से पूछताछ कर लौट आई। इससे किशोर की मां दहशत में आ गई। तीन दिन बाद सोमवार शाम को उनकी हृदयाघात से मृत्यु हो गई। परिजन का आरोप है कि पुलिस ने बेटे को सामने लाने के लिए दबाव बनाया था। उसका वीडियो भी वायरल हुआ था। इससे मां परेशान थीं। उन्हें लग रहा था कि पुलिस बेटे को जेल भेज देगी। घटना से क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है।
14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती पर आवास विकास कॉलोनी में कुछ युवक परशुराम चौक पर जूते-चप्पल पहन कर चढ़ गए। इससे आक्रोशित ब्राह्मण संगठनों ने धरना-प्रदर्शन किया। मामले में पुलिस ने अपनी ओर से प्राथमिकी दर्ज की। वीडियो वायरल से पुलिस ने आरोपियों की पहचान की। शनिवार को जगदीशपुरा निवासी दक्ष कर्दम, प्रशांत निगम, शिवम और पुष्पेंद्र को गिरफ्तार किया। आरोपियों को एसीपी कोर्ट से जेल भेजा गया। इससे पहले पूछताछ में आरोपियों ने कई और नाम बताए। इनमें वीडियो में दिखने वाले भी थे।
पुलिस अन्य आरोपियों की पहचान के बाद गिरफ्तारी के प्रयास में लगी हुई थी। जगदीशपुरा निवासी विशंभर ने बताया कि बेटी दुर्गेश भीम नगर में किराए के मकान में परिवार सहित रह रही थी। 17 अप्रैल को थाना सिकंदरा पुलिस ने घर में दबिश दी। पुलिस ने बताया कि 16 वर्षीय धेवते का नाम परशुराम चौक मामले में सामने आया है। उस समय धेवता घर में नहीं था। पुलिस 2 घंटे तक उसका इंतजार करती रही। आरोप है कि बेटे को बुलाने का भी दबाव बनाया। इससे बेटी दुर्गेश दहशत में आ गई। उसे गहरा सदमा लग गया।
छोड़ दिया था भोजन और पानी
पुलिस की दबिश के बाद महिला की तबीयत खराब हो गई। पुलिस के जाने के बाद वह उसे अस्पताल लेकर गए, जहां चिकित्सक ने उपचार के बाद घर भेज दिया। मगर हालत में सुधार नहीं हुआ। मोहल्ले के ही 4 युवक भी पुलिस ने पहले पकड़े थे। इससे दुर्गेश को लग रहा था कि बेटा भी पकड़ा जाएगा। उसने भोजन और पानी छोड़ दिया था। सोमवार दोपहर उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। उन्हें नजदीक के अस्पताल ले गए जहां से रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में चिकित्सक ने बेटी को मृत घोषित कर दिया। पिता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने धेवते को सामने लाने के लिए दबाव बनाया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की मृत्यु का कारण हार्टअटैक से होना आया है। जेल भेजे गए आरोपियों से पूछताछ में महिला के बेटे का नाम सामने आया था। वह वायरल वीडियो भी नजर आ रहा था। इस पर पुलिस पूछताछ के लिए पहुंची थी। मगर उसके नहीं मिलने पर वापस आ गई थी। किसी तरह का दबाव बनाने का आरोप गलत है।
-सय्यद अली अब्बास, डीसीपी सिटी
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