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प्रसव के दौरान जच्चा बच्चा की मौत, तीन घंटे दबाए रखा मामला, गुस्साए परिजनों ने की तोड़फोड़

Wed, 27 Nov 2019 05:59 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
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अस्पताल में की तोड़फोड़ - फोटो : अमर उजाला
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जिला महिला अस्पताल में प्रसव के दौरान जच्चा बच्चा की मौत हो गई। चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतका के परिवारीजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ करते हुए जमकर हंगामा किया।
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अस्पताल में मौजूद महिलाओं और स्टाफ में चीख पुकार मच गई। हंगामा होते ही अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंची पुलिस और सिटी मजिस्ट्रेट ने मामले को शांत कराया। 

शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के मोहल्ला पथवारी मंदिर मीर खलील निवासी बबिता तिवारी (38) पत्नी अनूप तिवारी को मंगलवार रात करीब दो बजे प्रवस पीड़ा हुई तो परिवारीजन शिकोहाबाद में ही चिकित्सक के यहां ले गए।
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चिकित्सक के यहां बच्चों के लिए आईसीयू की व्यवस्था न होने के कारण महिला को भर्ती करने से मना कर दिया। परिवारीजन बुधवार को सुबह महिला को जिला महिला अस्पताल लेकर आए।

बबिता के पति अनूप तिवारी का कहना है कि बबिता ने सुबह करीब साढ़े आठ बजे बच्चे को जन्म दिया। महिला के गर्भ में दूसरा बच्चा होने की आशंका पर चिकित्सक द्वारा प्रसूता को अल्ट्रासांउड के लिए भेजा जा रहा था, तभी महिला के गर्भ में पल रहे दूसरे बच्चे का पैर बाहर आ गए।

महिला चिकित्सक और स्टाफ द्वारा उसको जन्म दिलाने के लिए प्रयास किए गए। लेकिन सफलता नहीं मिली। इस बीच तीन घंटे से अधिक का समय बीत गया। लेकिन चिकित्सकों अस्पताल के गेट पर बैठे परिवारीजनों को कोई जानकारी नहीं दी।

जबकि परिवारीजन महिला अस्पताल के स्टाफ से बार-बार महिला के बारे में पूछताछ करते हुए कह रहे थे कि यदि कोई दिक्कत हो तो आगरा रेफर कर दो, लेकिन चिकित्सकों द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। 

सुबह साढ़े ग्यारह बजे महिला के पति से खून की व्यवस्था करने को कहा गया। 12 बजे करीब परिवारीजन खून लेकर महिला अस्पताल पहुंचे तो चिकित्सकों ने महिला और दूसरे बच्चे को मृत घोषित कर दिया।महिला के साथ बच्चे की मौत की खबर सुनते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया।

परिजन गुस्से में आ गए। गुस्साए लोगों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। फर्नीचर को इधर-उधर फेंकना शुरू कर दिया। इससे अफरा-तफरी मच गई। गुस्साए लोगों ने महिला अस्पताल में लगे शीशे तोड़ दिए।

यह घटनाक्रम करीब 15 मिनट तक चलता रहा। हंगामे की सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट कुंवर पंकज, कोतवाल उत्तर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। सीएमएस डा. आरके पांडेय, महिला सीएमएस डा. साधना राठौर एवं अन्य चिकित्सक भी यहां आ गए। सिटी मजिस्ट्रेट ने आक्रोशित लोगों को समझाते हुए मामले को शांत करते हुए जांच की।

परिजनों ने बताया कि महिला बबिता का यह पहला प्रसव था। बीमारी के चलते महिला को इतने अधिक समय तक संतान नहीं हुई थी। प्रसूता द्वारा जन्मा पहला बच्चा चिकित्सकों की देखरेख में महिला अस्पताल में ही भर्ती है। 
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स्वास्थ्य कर्मचारी का मोबाइल फोन गायब
हंगामे के बीच महिला स्वास्थ्य कर्मी सर्वेश का मोबाइल फोन भी गायब हो गया। इसकी शिकायत महिला स्वास्थ्य कर्मी ने पुलिस और नगर मजिस्ट्रेट कुंवर पंकज से भी की। सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा की जा रही जांच के दौरान महिला चिकित्सक ने लोगों पर अभद्रता करने और रजिस्टर गायब करने का आरोप भी लगाया।  
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