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आगरा: कंपाउंडर के इंजेक्शन से प्रसूता की मौत, मरीजों को अस्पताल में बंदकर भागा स्टाफ

Thu, 18 Jul 2019 03:39 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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अस्पताल के बाहर खड़ी प्रशासन की टीम, प्रसूता शालू की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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आगरा के टेढ़ी बगिया स्थित सरोज अस्पताल में बुधवार को कंपाउंडर के इंजेक्शन से प्रसूता की मौत हो गई। स्टाफ ने शव को बाहर निकाल दिया और अस्पताल पर ताला लगाकर भाग गया। बिजली भी काट दी गई। 
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करीब साढ़े तीन घंटे तक मरीज-तीमारदार अंदर बंधक बने रहे। जानकारी पर पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने ताला खुलवाया। सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर जब्त कर मरीज भर्ती पर रोक लगाई है।

कालिंदी विहार निवासी बॉबी गौर की पत्नी शालू (24) को प्रसव पीड़ा होने पर 14 जुलाई को सरोज अस्पताल में भर्ती कराया था। शाम को ऑपरेशन कर दिया। बॉबी ने बताया कि बुधवार तड़के साढ़े चार बजे पत्नी की हालत बिगड़ने लगी। 
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तीमाददारों ने लगाया यह आरोप

कंपाउंडर ने पर्चा देकर दवाएं मंगाईं। उस वक्त अस्पताल में डॉक्टर नहीं थे। आरोप है कि कंपाउंडर ने इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद ही पत्नी का शरीर नीला पड़ गया, दाने उभर आए और मुंह से झाग आने लगा। 

इस पर अस्पताल का स्टाफ बोला कि एंबुलेंस मंगाई है, मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाना पड़ेगा। कुछ देर बाद एंबुलेंस आने पर मरीज को गेट के बाहर लाया गया। परिजनों ने देखा तो शालू की सांस नहीं चल रही थी। 

इसी बीच स्टाफ बिजली काटकर अस्पताल पर ताला लगाकर भाग गया। अंदर मरीज और तीमारदारों का गर्मी से बुरा हाल हो गया। परिजनों ने शव रख हंगामा शुरू कर दिया। महिला के ससुर वीरेंद्र गौर ने बताया कि शालू का यह पहला बच्चा था। 
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प्रशासन की टीम ने खुलवाया ताला

सूचना पर एसीएम, एसडीएम, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। अंदर मौजूद सफाई कर्मचारी से ताला खुलवाया। पुलिस ने परिजनों को शांत करा शव का पोस्टमार्टम कराया। टीम को निरीक्षण के दौरान मरीजों के इलाज के पर्चे नहीं मिले। वहीं आधा घंटे बाद अस्पताल के पैनल में खुद को शामिल बताने वाले हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रेमराज मरीजों के पर्चे लेकर पहुंचे। 

एसीएमओ डॉ. अजय कपूर ने बताया कि स्टाफ मरीज-तीमारदारों को अंदर बंद कर अस्पताल पर ताला लगाकर भाग गया था। इलाज के पर्चे और सीसी कैमरे की डीवीआर जब्त कर ली। नोटिस दिया गया है। 

वहीं, अस्पताल संचालक आरएस बघेल का कहना है कि वो दो दिन से बाहर हैं। ऑपरेशन डॉ. सुभाष सोनी करते हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनीता को ऑन कॉल बुलाते हैं, वो भी दो दिन से बाहर हैं। इनकी अनुपस्थिति में अन्य चिकित्सक मरीजों को देखते हैं।
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