पुलिस ने बताया कि कमरे में बेड पर ऊषा का शव पड़ा था। उन पर कंबल पड़ा हुआ था। चादर चेहरे पर बंधी हुई थी। वहीं मुंह में कपड़ा था। शव चार दिन पुराना प्रतीत हो रहा था। परिजनों का आरोप है कि उनकी हत्या की गई है। अलमारी खुली पड़ी थीं। इनमें कोई जेवरात और रुपये नहीं मिले। अंदर एक कमरे पर भी ताला लगा था। हत्या करने के बाद घर में ताले लगाए गए हैं। यह आरोपी अपने साथ ही लेकर आया था। क्योंकि ऊषा के फ्लैट में उनके ताले रखे हुए थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने का इंतजार
सीओ छत्ता दीक्षा सिंह ने बताया कि बहन सुनीता की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने का इंतजार है। उसमें ही मौत का कारण पता चलेगा। हत्या का कारण भी पता नहीं चल सका है। विवेचना की जा रही है। वहीं ऊषा की बहन सुनीता ने पुलिस को बताया कि वह बहन को कुछ समय पहले ही 20 हजार रुपये देकर गई थीं। यह रकम कहां गई? वहीं फ्लैट में अलमारी में रखे जेवरात और रुपये भी नहीं मिले हैं। इससे लूट के लिए हत्या की आशंका है।
पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज
घटना का खुलासा करने के लिए पुलिस अपार्टमेंट के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक कर रही है। अपार्टमेंट में 32 फ्लैट हैं, जिसमें द्वितीय तल पर ऊषा गुप्ता रहती थीं। ऊषा की बहन सुनीता परिवार के साथ सागर, मध्य प्रदेश स्थित एक शादी समारोह में गई थीं। ऊषा गुप्ता को भी जाना था, लेकिन उन्होंने बस से जाने से इनकार कर दिया था। ऊषा गुप्ता के फ्लैट के आसपास रहने वाले परिवार के लोग भी शादी समारोह में गए हुए थे, जिसके चलते घटना की जानकारी किसी को नहीं हो सकी। जाटनी बाग में अधिकांश ट्रांसपोर्ट कंपनियां, गोदाम और कार्यालय बने हैं। हत्या से लोगों में दहशत है।
मंदिर दर्शन में बिताती थीं समय
रिश्तेदार महिला ने बताया कि ऊषा धार्मिक प्रवृत्ति की थीं। वह सुबह चक्की पाठ स्थित श्याम जी के मंदिर दर्शन के लिए जाती थीं, जबकि शाम को जीवनी मंडी चौराहा स्थित खाटू श्याम जी के मंदिर में भी जाती थीं। दोपहर में घर पर रहती थीं। वह घर के सारे कार्य भी खुद करती थीं। इसके लिए किसी नौकर को नहीं रखा था। पति की मौत के बाद से अपना ज्यादातर समय मंदिर में ही व्यतीत करती थीं। ऊषा पांच बहन और दो भाई थे। बड़ी बहन गीता की कई साल पहले मौत हो गई थी। एक भाई शिव कृष्ण दास बाहर रहते हैं, जबकि दूसरे सुनील कुमार मक्खनपुर, फिरोजाबाद में रहते हैं।
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