आगरा। नशीली चाय पीने से बेहोश हुए युवक को तेजाब डालकर मार डालने के मामले में अदालत ने सोनम पांडेय को दोषी माना। वह जिला औरेया के थाना अजीतमल क्षेत्र के अशोक नगर, बाबरपुर की है। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट शिव कुमार ने उसे सश्रम उम्रकैद और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
थाना हरीपर्वत में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार जिला कासगंज के थाना सहावर क्षेत्र के बहापुर निवासी कुसमा देवी ने तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि उनका पुत्र देवेंद्र हरीपर्वत थाना क्षेत्र के शास्त्री नगर खंदारी में किराए के मकान में रहता था। निजी अस्पताल में नौकरी करता था। पुत्र की सोनम पांडेय नाम की महिला से दोस्ती हो गई। 24 मार्च 2021 को सोनम पांडेय ने पुत्र को फोन किया।
पंखा ठीक कराने का बहाना बनाकर अपने घर बुला लिया। रात को वह उसके घर पहुंचा तो तेजाब डालकर जला दिया। पुत्र के दोस्त शिवम पांडेय ने फोन कर उन्हें घटना के बारे में जानकारी दी। उनके पुत्र गंभीर हालत में इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हालत नाजुक होने पर उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के उनके पुत्र देवेंद्र की मौत हो गई। अभियोजन की तरफ से वादिनी, मृतक के दोस्त शिवम पांडेय सहित 11 गवाह अदालत में पेश किए गए। अदालत ने गवाह, साक्ष्य और मृतक के बयानों के पर सोनम को दोषी माना।
मरने से पहले बताई थी आपबीती
देवेंद्र ने मरने से पहले अपर जिला मजिस्ट्रेट और डाॅ. नमन गुप्ता की उपस्थिति में बयान दिए थे। तब देवेंद्र ने बताया था कि सोनम पांडेय पहले से शादीशुदा थी। उसने अपने पति को छोड़ दिया था। वह सोनम के यहां चार साल से साथ रह रहा था। घटना वाले दिन पंखा खराब होने की कहकर घर बुलाया। उसने पहुंचकर पंखा सही कर दिया। वहां से चलने लगा। सोनम ने चाय पिला दी। चाय पीने से वह बेहोश हो गया। बेहोशी की हालत में सोनम ने तेजाब डाल दिया। जलन और दर्द होने पर होश आया था।