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डेढ़ माह के बेटे को ट्रैक पर लिटाकर महिला ने की ट्रेन के सामने कूदने की कोशिश, सिपाहियों ने बचाई जान

Sun, 27 Sep 2020 06:21 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद

सार

डाउन लाइन पर बेटे को लिटाने के साथ ही खुद अप लाइन से गुजर रही मालगाड़ी के सामने आने की कोशिश करने लगी। इस पर जीआरपी और वहां मौजूद लोगों की नजर महिला पर पड़ी तो वे तुरंत मौके की ओर दौड़ पड़े। 
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बच्चे के साथ सिपाही - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फिरोजाबाद थाना लाइनपार के छारबाग की एक महिला शनिवार को बिजली के बिल पर सास से झगड़ा होने पर दो माह के बेटे को लेकर रेलवे ट्रैक पर पहुंच गई। बेटे को दूसरी लाइन पर लिटाने के बाद उसने चलती ट्रेन के आगे जान देने की कोशिश की।
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इस दौरान जीआरपी के सिपाहियों और यहां मौजूद लोगों ने दौड़कर उसे बचा लिया। वहीं गनीमत रही कि इस दौरान दूसरी ट्रैक पर भी कोई ट्रेन नहीं थी। जीआरपी ने घायल महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।  

छारबाग निवासी पुष्पादेवी (26) पत्नी विजय कुमार निषाद शनिवार को सुबह साढ़े नौ बजे अपने दो माह के बेटा आर्यन को गोद में लेकर रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई। उसने डाउन लाइन पर बेटे को लिटाने के साथ ही खुद अप लाइन से गुजर रही मालगाड़ी के सामने आने की कोशिश करने लगी। इस पर जीआरपी और वहां मौजूद लोगों की नजर महिला पर पड़ी तो वे तुरंत मौके की ओर दौड़ पड़े। महिला को किसी तरह से बचाया। इस दौरान महिला सिर और हाथ में चोट लगने के कारण घायल हो गई थी। 
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जीआरपी थाना प्रभारी ऊषा मलिक ने महिला को समझाने के साथ ही सरकारी ट्रॉमा सेंटर भेजा। महिला का कहना है उसकी सास एक सप्ताह से उसके कमरे की बिजली काट दी है। वहीं, बिजली के बिल में हिस्सा देने को दबाव बना रही हैं।


बिजली न मिलने से उसका डेढ़ माह का बेटा आर्यन परेशान था। इसके कारण उसने जान देने का फैसला लिया था। घटना की जानकारी होते ही उसका पति विजय कुमार सरकारी ट्रामा सेंटर पहुंचा था। वहीं, घायल महिला के मायके वाले भी अस्पताल पहुंच गए थे।
 
बालक को गोद में लेकर ट्रामा सेंटर पहुंचा सिपाही 
डेढ़ माह का मासूम आर्यन को क्या पता कि उसकी मां क्या कदम उठाने जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो रेलवे ट्रैक पर लिटाने के दौरान बालक खेल रहा था। सिपाही उसे गोद में उठाकर सरकारी ट्रामा सेंटर लाया तो उस दौरान भी वह खेलता रहा।  
 
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