आगरा। अपहरण, दुष्कर्म और आईटी एक्ट के मामले में पीड़िता के माता-पिता और जीजा अदालत में पूर्व गवाही से मुकर गए। एडीजे-10 प्रदीप कुमार ने आरोपी राजा उर्फ टीटू को साक्ष्य के अभाव में बरी करने का आदेश दिया।
थाना सैंया में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पीड़िता ने 3 अप्रैल, 2024 को पुलिस आयुक्त को प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप लगाया कि 5 मार्च, 2024 को राजा उर्फ टीटू उसे घुमाने के बहाने जीजा के घर ले गया। वहां दुष्कर्म किया। उसे तीन दिन तक बंधक बनाकर रखा गया। कुछ दिन बाद आरोपी ने घर आकर भी दुष्कर्म किया। बात न मानने पर अश्लील फोटो और वीडियो अपने इंस्टाग्राम खाते से वायरल कर दिए। अभियोजन पक्ष ने पीड़िता, उसके माता-पिता और जीजा सहित सात गवाह पेश किए थे। हालांकि, पीड़िता और उसके परिजन अपनी पूर्व गवाही से मुकर गए।