आगरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अभिनेत्री कंगना रणौत के खिलाफ दायर वाद में शनिवार को गवाह अधिवक्ता रामदत्त दिवाकर के सीजेएम कोर्ट में बयान दर्ज किए गए। बयान में गवाह ने वाद में उल्लिखित तथ्यों का समर्थन किया। इसमें कहा कि कंगना रणौत ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अहिंसात्मक सिद्धांत और आजादी को भीख में मिली बताकर लाखों देशभक्तों और शहीदों का अपमान किया है।
'भीख में आजादी' वाले बयान का है मामला
मामले में कोर्ट में वाद राजीव गांधी बार एसोसिएशन आगरा के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने दायर किया है। इसमें कहा कि 17 नवंबर 2021 को समाचार पत्रों में कंगना रणौत की टिप्पणी प्रकाशित हुई थी। इसमें कंगना ने आजादी को भीख में मिली और चांटा खाने से आजादी नहीं भीख मिलती है, टिप्पणी की थी।
अधिवक्ता ने लगाया यह आरोप
अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने कंगना की टिप्पणी को राष्ट्रपिता के अहिंसात्मक सिद्धांत का मजाक , लाखों देशभक्त शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का अपमान का आरोप लगाया। इसमें कहा कि प्रधानमंत्री के कंगना के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने से राष्ट्रद्रोही तत्वों को बढ़ा मिल रहा है। सीजेएम प्रदीप कुमार सिंह ने अगली सुनवाई के लिए नौ मार्च की तिथि नियत की है। वाद की पैरवी अधिवक्ता बीएस फौजदार ने की।