सूबे के पहले एनआरआई दिवस सम्मेलन में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बुलावे पर भजन सम्राट अनूप जलोटा भी पहुंचे। जलोटा ने कहा कि यूपी की धरती उनकी मातृभूमि है, इसलिए चाहते हैं कि यहां विकास हो। यहां समृद्धशाली इतिहास है और संभावनाएं अपार हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश को पहले अपनी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारनी होगी। यहां का एजूकेशन सिस्टम ठीक करना होगा। नहीं तो आगरे का पेठा और बरेली का झुमका ही प्रसिद्ध बना रहेगा। वाइब्रेंट गुजरात से तुलना करने पर उन्होंने कहा कि गुजरात कई सालों से प्रवासियों को आकर्षित कर रहा है। गुजराती विदेशों में यूपी के निवासियों के मुकाबले कहीं ज्यादा हैं। यूपी ने पहली बार पहल की है, जिसे सराहे जाने की जरूरत है।
‘एक्सप्रेस वे से आगरा आना सुखद रहा, लेकिन शहर के अंदर जैसा ट्रैफिक जाम मिला, उसने डरा दिया। यूपी सरकार को इन चीजों पर काम करने की जरूरत है। यूपी में ऑटोमोबाइल, एनर्जी के क्षेत्र में निवेश मिल सकता है, लेकिन पहले माहौल सुधारना होगा।’
नीरेंद्र उपाध्याय
एनआरआई, हिरोशिमा, जापान
‘वाइब्रेंट गुजरात में वह जाती रही हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश की पहल छोटी जरूर, लेकिन हुई तो है। यूपी में संभावनाएं हैं, लेकिन इसे अवसर में बदलना होगा। युवा मुख्यमंत्री के पास ऐसा करने का मौका है’
सुमन कपूर
एनआरआई, न्यूजीलैंड
ताज पर बैले की चाहत: नीलांजना भट्टाचार्य
आगरा। कथक नृत्यांगना नीलांजना भट्टाचार्य ने कहा कि प्रवासी भारतीयों के लिए सरकार की पहल सराहनीय है। वह ताजमहल पर बैले तैयार कर शाहजहां मुमताज की मुहब्बत को पेश करना चाहती हैं। ताज महोत्सव में कई बार कथक की प्रस्तुति दे चुकीं नीलांजना के मुताबिक, युवा मुख्यमंत्री से लोगों को कई उम्मीदें हैं।
यूपी में भरपूर संभावनाएं : संजय खान
मशहूर फिल्म निर्माता, निर्देशक और कलाकार संजय खान का कहना है कि एनआरआई दिवस सम्मेलन यूपी के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। वे इस सम्मेलन में अपने अभिनेता पुत्र जायद खान के साथ शिरकत करने आए थे। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि यूपी में औद्योगिक विकास की भरपूर संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उनकी नीति से यहां फिल्मकारों को बड़ा प्रोत्साहन मिला है। जो एनआरआई आज बीज बोएंगे, वे कल फल खाएंगे।
बातचीत...
- अमेरिका के वाशिंगटन डीसी में स्वर्ग साफ्टवेयर कंपनी का संचालन कर रहे लखनऊ निवासी तुषार दयाल का कहना है कि भारत में निवेश की संभावनाएं प्रबल हैं, लेकिन यहां सिस्टम में बदलाव करना होगा। निवेशक को एनओसी तक लेने के लिए विभागों के चक्कर काटने पड़ते हैं। सिंगल विडो सिस्टम लागू करना होगा।
- अमेरिका में जापनी कंपनी हिताची में कार्यरत कानपुर निवासी सुनीत शुक्ला का कहना है कि अपने देश के लिए कुछ करने का मन करता है, लेकिन यहां पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलती हैं। अमेरिका में काम का एक सिस्टम है। आप औपचारिकताएं पूरी करते जाइए और काम आगे बढ़ता जाएगा। लेकिन यहां औपचारिकताओं के नाम पर परेशानी खड़ी की जाती हैं।
उत्तर प्रदेश में फिल्म इंडस्ट्री आगे बढ़ी रही है। यहां फिल्मों की शूटिंग के लिए प्रदेश सरकार की ओर से जो रियायतें मिल रही हैं। उन्हें देखकर यही कहूंगा कि उत्तर प्रदेश फिल्म निर्माण क्षेत्र में सबसे आगे निकलेगा।
सुधीर मिश्रा, फिल्मकार
किसने क्या कहा...
उत्तर प्रदेश का यह ऐतिहासिक कदम है। सीएम की प्रेरणा से पहला प्रवासी दिवस सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। प्रवासियों को लिए एनआरआई विभाग का गठन किया गया है। इसका स्टाफ दुनिया भर के प्रवासियों के डाटाबैंक तैयार कर रहा है। अपनी योजनाओं को उन तक पहुंचा रहे हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विकास में साझेदारी बढ़ाना है।
आलोक रंजन, मुख्य सचिव
भारत के 28 मिलियन लोग विभिन्न क्षेत्रों में विदेशों में देश का नाम रोशन कर रहे हैं। भारत के लिए अच्छा समय है। देश तरक्की कर रहा है। ऐसे में विदेशों में रहे रहे भारतीयों के सहयोग नई इबारत लिखी जाए। इस तरह के कार्यक्रम इसी की प्रेरणा देते हैं।
हर्ष वर्धन नेवतिया, अध्यक्ष फिक्की
यह अच्छी पहल है। इससे हमें वतन से जुड़ने का मौका मिलेगा। इस कार्यक्रम में आकर हमें बेहद खुशी है और प्रदेश सरकार को हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
अशोक रामसरन, अध्यक्ष एनआरआई एसोसिएशन
अफ्रीका में रहने वाले भारतीय कहते हैं कि तन अफ्रीका में है, धन लंदन में और मन आज भी हिंदुस्तान में है। गल्फ कंट्रीज में हमारे उद्योग हैं जिनमें करीब दो हजार भरतीय काम कर रहे हैं। हमें अवसर मिले तो लखनऊ में इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर और शापिंग माल के निर्माण पर करीब एक हजार करोड़ रुपये निवेश करेंगे।
यूसुफ अली, प्रवासी भारतीय
इस कार्यक्रम का उद्देश्य है आपकी मिट्टी की खुशबू आप तक पहुंचाना है। आप अपनी जड़ों को महसूस करें। भारत के साथ अपने दिल के रिश्ते को महसूस करें और अपने इस घर की दीवारों को मजबूत करें। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस कार्यक्रम की प्रेरणा दी है, वे बधाई के पात्र हैं।
अभिषेक मिश्रा, राज्यमंत्री उत्तर प्रदेश
राम 14 वर्ष के लिए वन में गए थे। 14 वर्ष अयोध्या से बाहर रहने पर जितने मायूस वे थे , उतने ही अयोध्यावासी भी थे । यहां तो 183 वर्ष बाद आपको अपने देश में आने का मौका मिला है। त्रिनिडाड और फिजी जैसे देशों को गए भारतीयों की पीढ़ियां बदल गई। मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक कार्य किया है कि आपको को आपके मायके में लेकर आए हैं। देश के एक बड़े नेता अमेरिका गए थे, उनका आठ हजार लोगों ने स्वागत किया, अधिकांश गुजरात के थे लेकिन मैं दावा करता हूं कि अखिलेश यादव अमेरिका जाएंगे तो 10 हजार लोग स्वागत करेंगे।
बलवंत सिंह रामूवालिया, कैबिनेट मंत्री