कासगंज। अब गुलाबी ठंड का आगाज होने लगा है। दिन में भले ही तेज धूप के चलते मौसम में गर्मी महसूस होती हो, लेकिन सुबह व रात में हल्की ठंड महसूस होने लगी है। मौसम के मिजाज में यह बदलाव स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता है। थोड़ी सी लापरवाही बीमार बना सकती है।
15 जून से 30 सितंबर तक मानूसन का सीजन रहता है। इसमें 645 मिमी बारिश का औसत रहता है, लेकिन इस साल सीजन में 330 मिमी बारिश हुई। सितंबर पूरी तरह से सूखा चला गया, जिससे मौसम में काफी उमस बनी रही। अधिकतम तापमान 37 डिग्री तक रहा। जबकि न्यूनतम तापमान भी 26 डिगी तक बना रहा, लेेकिन अक्तूबर आने के साथ ही मौसम में बदलाव शुरू हो गया।
दोपहर के तापमान में दो डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ चुकी है। न्यूनतम तापमान भी 5 डिग्री तक गिर गया है। रात में हवा चलने पर सिहरन सी महसूस होने लगती है। मौसम में यह बदलाव लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित करने लगा है। जिला अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। पिछले माह तक इन अस्पतालों में 400 तक मरीज पहुंच रहे थे। अब यह आंकड़ा बढ़कर 500 तक होने लगा है। अधिकतर मरीज सर्दी, खांसी, जुकाम व बुखार के आ रहे हैं।
ये बरतें सावधानियां
- ठंडे पेय पदार्थ का सेवन न करें।
- गुनगुना पानी अधिक पिएं।
- पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
- दही-मट्ठे का रात में सेवन न करें।
- पौष्टिक भोजन करें।
- प्रतिदिन काढ़ा पिएं।
इस सप्ताह का तापमान
तारीख अधिकतम न्यूनतम
1 अक्तूबर 36 25
2 अक्तूबर 36 24
3 अक्तूबर 35 23
4अक्तूबर 35 22
6 अक्तूबर 35 22
7अक्तूबर 35 21
बदलता मौसम स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होता है। इस सीजन में संक्रामक रोग तेजी से पैर पसारते हैं। ऐसे में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। स्वास्थ्य प्रभावित होने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए, तुरंत चिकित्सक की सलाह लेकर आवश्यक दवाओं का सेवन करना चाहिए। -डॉ. विकास भारती, चिकित्सक स्वास्थ्य केंद्र