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ढहा दिया जाएगा मां गौरी टाउन

Sun, 31 May 2015 02:28 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
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 यमुना के डूब क्षेत्र में विकसित की गई मां गौरी टाउन कालोनी ध्वस्त कर दी जाएगी। खासपुर स्थित इस कालोनी के सात को छोड़ सभी भवनों पर बुलडोजर चलेगा। भवन मालिकों को आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) की ओर से नोटिस भेज दिए गए हैं। उन्हें निर्माणों के संबंध में संतोषजनक साक्ष्य पेश करने के लिए 15 दिन की मोहलत दी गई है। इससे कालोनी में हाहाकार मचा हुआ है। कुछ लोग हाईकोर्ट से स्टे भी ले आए हैं।
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के सख्त रुख के बाद एडीए ने यमुना के डूब क्षेत्र में हुए अवैध निर्माणों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया है। खासपुर (दयालबाग) स्थित मां गौरी टाउन भी इस कार्रवाई की जद में आ गई है। पिछले दिनों सिंचाई विभाग ने कालोनी के बड़े हिस्से को डूब क्षेत्र में बना पाते हुए ध्वस्तीकरण के लिए सीमा रेखा खींच दी थी। एडीए के अधिकारी जब कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंचे तो उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं। क्योंकि सिंचाई विभाग ने जिस स्थान से ध्वस्तीकरण के लिए निशाना लगाया था, उसमें कालोनी का बड़ा हिस्सा आ रहा था। ऐसे में इतने बड़े स्तर पर कार्रवाई संभव नहीं थी। तब तो एडीए की टीम मौके से निकल आई। बाद में जब एडीए ने मां गौरी टाउन की फाइल खंगाली तो पता चला कि यह पूरी कालोनी अवैध है। इसके लगभग 150 में से 143 मकान डूब क्षेत्र में बने हुए हैं। अब इन सभी को ध्वस्त करने का फैसला किया गया है। एडीए सचिव कैप्टन प्रभांशु श्रीवास्तव के अनुसार, कालोनी के 143 भवनों के स्वामियों को इनके ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी कर दिया गया है। उन्हें 15 दिन का समय दिया गया है। उन्होंने बताया कि इसके बाद इन सभी निर्माणों को ढहाने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

यमुना किनारे 500 मीटर
तक कमिश्नर की अनुमति
बिना नहीं होगा निर्माण
आगरा (ब्यूरो)। आगरा विकास प्राधिकरण यमुना किनारे से 500 मीटर की दूरी में किसी निर्माण के लिए बिना मंडलायुक्त की अनुमति के नक्शा (मानचित्र) पास नहीं कर सकेगा। दो सौ मीटर दायरे में किसी भी तरह के निर्माण पर प्रतिबंध पहले से ही लागू है। अब इस दायरे में नक्शा स्वीकृति से पहले मंडलायुक्त निर्माण पर डूब क्षेत्र के अलावा अन्य अनापत्ति प्रमाण पत्रों की जांच कराएंगे। इसके बाद ही अनुमति देंगे।
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