एटा स्थित पटना पक्षी विहार से एक घायल सारस को वाइल्ड लाइफ एसओएस रैपिड रिस्पांस यूनिट ने बचाया। सारस के बाएं पैर और पंख में गंभीर घाव था। उसका एसओएस की एनिमल शेल्टर फैसिलिटी में उपचार चल रहा है।
पटना पक्षी विहार में वन विभाग के अधिकारियों ने गत दिवस गश्त के दौरान घायल सारस को देखा। वह बाएं पैर में गंभीर चोट के कारण चलने या खड़े होने में असमर्थ था। वन अधिकारियों ने चिकित्सकीय सहायता के लिए वाइल्ड लाइफ एसओएस से संपर्क साधा। वन्यजीव संरक्षण संस्था से दो सदस्यीय टीम वहां जाकर पक्षी को आगरा स्थित एनिमल शेल्टर फैसिलिटी ले आई, जहां उसका उपचार किया जा रहा है।
वाइल्ड लाइफ एसओएस के पशु-चिकित्सा सेवा के उपनिदेशक डॉ. इलयाराजा ने बताया कि चोट का कारण अभी पता नहीं लग सका है। हड्डी में फ्रैक्चर भी नहीं है लेकिन घाव गंभीर हैं। सह संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि सारस को गहन देखरेख में रखा गया है।
पटना पक्षी विहार के वन छेत्र अधिकारी, नरेंद्र कुमार रावत ने बताया, हमारे अधिकारी उस समय इलाके में गश्त कर रहे थे, जब उन्होंने घायल सरस क्रेन को देखा। पक्षी को चिकित्सा उपचार की तत्काल आवश्यकता थी, इसलिए हमने मदद के लिए तुरंत वाइल्डलाइफ एसओएस से संपर्क किया।
सारस क्रेन दुनिया का सबसे लंबा उड़ने वाला पक्षी है जो 240 सेंटीमीटर के पंखों के साथ-साथ 152-156 सेंटीमीटर लंबा है। प्राकृतिक वेटलैंड्स के लगातार कम होने के कारण यह प्रजाति गंभीर खतरे में है, जो की इनके लिए महत्वपूर्ण प्रजनन और निवास स्थान हैं। सारस क्रेन भारत में अनुमानित संख्या 15,000- 20,000 हैं।