आगरा जिले में विधवा पेंशन के लिए महिलाएं वर्षों से अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं। बिना कारण बताए किसी को 2 साल तो किसी की 4 साल से पेंशन बंद कर दी गई है। उनके सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
नुनिहाई के सुशील नगर से विकास भवन आईं 75 वर्षीय रामवती ने बताया कि पति को गुजरे 20 साल हो गए। तब से डेढ़ साल पहले तक पेंशन आ रही थी। अब पेंशन बंद है। विभाग के चक्कर काट रही हूं। कई बार कागज जमा किए लेकिन पेंशन चालू नहीं हुई। अब तो उम्मीद छूटने लगी है कि पेंशन मिलेगी भी या नहीं।
खेरागढ़ के गांव गोरऊ से आईं 70 वर्षीय अतरो ने बताया कि पति 40 साल पहले गुजर गए थे। गांव के लोगों ने विधवा पेंशन चालू करवा दी थी। अब 2022 से पेंशन बंद है। केवाईसी भी करा दी, लेकिन पेंशन चालू नहीं हुई है। प्रधान कहते हैं कि विकास भवन से चालू होगी। यहां अधिकारी चक्कर लगवा रहे हैं।
इसी तरह फतेहपुर सीकरी के गांव नगला हीरामन से आईं कमलेश ने बताया कि पति वर्ष 2022 में गुजर गए थे। प्रधान ने विधवा पेंशन का आवेदन करवाया था। कई बार विकास भवन के चक्कर लगा चुके लेकिन पेंशन चालू नहीं हो पाई। कुछ लोगों ने बताया कि अगर पैसे नहीं दिए तो ऐसे ही चक्कर कटवाते रहेंगे।
वहीं इस मामले में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह का कहना है कि विधवा पेंशन के लिए गांवों में भी कैंप लगाए जा रहे हैं। अगर किसी को परेशानी आ रही है तो संबंधित कर्मचारियों से समाधान कराया जाएगा। संवाद