सहायक नगर आयुक्त के पास 11 विभाग और जो विभाग के मुखिया हैं, उन पर कोई काम नहीं। 11 विभागों के अधिकारियों को बाईपास कर एक अफसर को इतनी जिम्मेदारी क्यों दी गई, इस पर नगर निगम कार्यकारिणी बैठक में पार्षदों ने सवाल उठाए तो घमासान मच गया।
बृहस्पतिवार को कार्यकारिणी सदस्य हेमंत प्रजापति ने सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम को 11 विभागों की जिम्मेदारी देने के औचित्य और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। बैठक के दौरान इन मुद्दों पर अफसरों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। कार्यकारिणी की बैठक में पहली बार अफसरों के बीच तकरार से माहौल गरमा गया। मेयर और पार्षदों के निशाने पर सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम रहे।
दरअसल, पार्षद राकेश जैन ने सवाल उठाया कि पिछली कार्यकारिणी में हर वार्ड में 10-10 सफाई कर्मी भेजने का निर्णय हुआ, पर यह किसी को भी नहीं मिले, जबकि 1143 सफाई कर्मचारी नियुक्त किए गए। मेयर ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी संजीव वर्मा से सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि सहायक नगर आयुक्त ने नियुक्तियां की हैं, वही जवाब देंगे। उनपर और 197 कर्मचारियों की भर्ती करने का दबाव डाला जा रहा है। पार्षद अतुल अवस्थी ने इसी बीच 27 मालियों की भर्ती प्रक्रिया, भुगतान पर सवाल उठाए तो सहायक नगर आयुक्त को ही जिम्मेदार बताया गया।
एसएनए और मुख्य अभियंता में नोकझोंक
एमएनटी में 10 वाहनों की मरम्मत समेत वर्कशॉप में मौजूद वाहनों से जुड़े काम पर सवाल उठे तो मुख्य अभियंता ने सहायक नगर आयुक्त से ही सवाल पूछने को कहा। उन्होंने कहा कि विभाग के मुखिया वह हैं लेकिन एमएनटी की कोई फाइल उनके पास नहीं आती। अधिकारों और जिम्मेदारियों पर सहायक नगर आयुक्त और मुख्य अभियंता के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। इसपर मेयर ने दोनों से संयम रखने और समन्वय के साथ काम करने को कहा। पार्षद हेमंत प्रजापति ने मेयर से 11 विभागों की जिम्मेदारी सहायक नगर आयुक्त से हटाने की मांग की।