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बेनकाब होंगे पार्टी की लुटिया डुबोने वाले

Thu, 25 Feb 2016 01:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
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एमएलसी चुनाव में किरकरी होने के बाद भारतीय जनता पार्टी अब डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। जिन प्रत्याशियों ने नाम वापस लेकर या अन्य किसी कारणों से मैदान छोड़कर पार्टी की जो फजीहत कराई है, उनके खिलाफ तो कार्रवाई कर ही दी गई लेकिन अब उन परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है, जिनमें इन प्रत्याशियों का चयन कर उन्हें टिकट दिया गया था। जांच के दायरे में आगरा, बांदा, मेरठ, लखनऊ और उन्नाव की सीटें हैं। प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने आगरा सीट की जांच का जिम्मा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही को दिया है। उन्हें छह मार्च तक रिपोर्ट देनी है। पार्टी आलाकमान के इस फैसले के बाद स्थानीय स्तर पर नेताओं में खलबली मच गई है। वहीं दूसरी ओर पार्टी के तमाम पदाधिकारी इससे खुश हैं। उनका मानना है कि जांच निष्पक्ष हुई तो कम से कम ऐसे विभीषण को पता लगा पाएगा, जिन्होंने पार्टी की नैया डुबोई है।
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गौरतलब है कि आगरा सीट पर पार्टी ने टूंडला निवासी टीपी सिंह को उम्मीदवार बनाया था लेकिन नामांकन के अंतिम दिन और अंतिम समय तक वह नामांकन करने नहीं पहुंचे। बाद में उन्होंने समाजवादी पार्टी के लोगों पर अपहरण करने और कलेक्ट्रेट में उनके समर्थकों के हाथ से नामांकन पत्र छीनकर फाड़ने का आरोप लगाया था। पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज कर लिया था लेकिन बुधवार को इस मुकदमे को खारिज कर दिया गया। इस घटनाक्रम से टीपी सिंह और भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं पर समाजवादी पार्टी के साथ सेटिंग के आरोप लगे थे। हालांकि भारतीय जनता पार्टी ने टीपी सिंह को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। अब उन परिस्थितियों की जांच की जा रही है, जिनमें ऐसे प्रत्याशियों को टिकट दी गई जिन्होंने पार्टी की लुटिया डुबो दी।
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