कासगंज। इस बार ई-पॉप मशीन (इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ पर्चेज मशीन) से गेहूं की खरीद की जाएगी। शासन ने गेहूं की खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए व्यवस्थाओं में बदलाव कर दिया है। जिले में खरीद के लिए 47 केंद्र निर्धारित किए जा चुके हैं। भविष्य केंद्रों की संख्या बढ़ सकती है।
जिले में गेहूं की फसल प्रमुख फसलों में शामिल है। गेहूं की खरीद का लाभ किसानों को दिलाने के लिए शासन लगातार कड़े कदम उठा रहा है। शासन ने इस बार खरीद के लिए ई पॉप मशीन की व्यवस्था की है ताकि खरीद केद्रों पर बिचौलिया सक्रिय न हो सकें। प्रिंगर प्रिंट मिलने पर ही किसान फसल बेच सकेंगे। 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद होनी है। इस खरीद के लिए अब तक जिला में खाद्य विभाग, पीसीएफ, कर्मचारी कल्याण निगम, भारतीय खाद्य निगम एजेंसी नेरुचि दिखाई है। इन एजेंसियों के अब तक 47 केंद्र निर्धारित किए जा चुके हैं। जबकि पिछले साल 52 केंद्रों पर खरीद की गई थी। बताया जाता है कि खरीद के लिए अभी और प्रस्ताव भी विभाग को प्राप्त हुए हैं। ऐसे में खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।