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बर्बादी की बारिश: खेतों में बिछ गई गेहूं और सरसों की फसल, चिंतित हुए किसान

Sun, 01 Mar 2020 05:17 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
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खेतों में बिछी गेहूं की फसल - फोटो : Amar Ujala
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मैनपुरी जिले में बेमौसम बारिश किसानों के लिए आफत बन गई। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के कारण फसलें चौपट हो गईं। गेहूं और सरसों की खड़ी फसल खेतों में बिछ गई है। इससे किसानों को कम पैदावार होने की चिंता सताने लगी है। 
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मौसम विभाग की ओर से बारिश की चेतावनी जारी की गई थी। तीन दिनों तक तो मौसम बदलता रहा, लेकिन शनिवार की देर शाम अचानक बादल छाए और बारिश शुरू हो गई। शाम को आधे घंटे ही बारिश हुई, लेकिन रात 10 बजे के बाद जिलेभर में झमाझम बारिश हुई। 

बारिश से खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। इस समय खेतों में गेहूं की फसल बाली पर है। बाली निकलने के कारण इसमें वजन भी बढ़़ गया है। ऐसे में जब हवा के साथ बारिश हुई तो गेहूं की फसल गिर गई। 
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कृषि विशेषज्ञों के अनुसार फसल गिरने के बाद गेहूं के दाने का विकास जहां रुक जाता है तो नमी के संपर्क में आकर दाने का रंग भी बदल जाता है। इससे पैदान प्रभावित होने के साथ-साथ गेहूं की गुणवत्ता भी खराब हो जाती है। 

खेतों में सरसों की फसल भी पककर तैयार हो चुकी है। कहीं-कहीं तो किसानों ने सरसों की कटाई भी शुरू कर दी है। बारिश के कारण सरसों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। 

नुकसान के आकलन में जुटा कृषि विभाग 

बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान की रिपोर्ट शासन ने जिलेवार मांगी है। कृषि विभाग रविवार सुबह से ही फसलों में हुए नुकसान का आकलन करने में जुट गया है। लगातार अधिकारी खेतों का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन कर रहे हैं। 

जिला कृषि अधिकारी डॉ. गगनदीप सिंह ने बताया कि तेज हवा के साथ बारिश होने के कारण गेहूं की फसल कई जगह गिर गई है। कितने प्रतिशत फसल गिरी है, इसका आकलन किया जा रहा है। जो सरसों की फसल खेतों में कटी पड़ी है या गट्ठर बने हैं, उन्हें किसान सुखा लें। 
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किसानों की बात

बीते कुछ वर्षों से प्रकृति में हो रहे बदलाव से किसानों को नुकसान हो रहा है। धान की फसल में जहां बारिश न होने से फसलें सूखती रहीं तो अब बारिश से गेहूं की फसल बर्बाद हो रही है। - किसान जितेंद्र सिंह, नगला दौलत। 

लगातार तीन वर्ष से गेहूं की फसल तेज हवा के साथ हुई बारिश से ही खराब हो रही है। फसल गिर जाने से किसानों को गेहूं की फसल का 40 प्रतिशत तक कम उत्पादन मिलता है। - किसान राजवीर सिंह, नगला मूले। 

इस बार धान की फसल में नुकसान होने से किसानों को गेहूं से उम्मीद थी। लेकिन अब लग रहा है कि गेहूं की फसल में भी लागत निकाल पाना कहीं मुश्किल न हो जाए। - किसान हरिआम, कछपुरा। 
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