आगरा। किसानों के लिए बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि आफत लेकर आई। इसने रबी की फसलों के साथ जायद के लिए भी मुसीबत खड़ी कर दी है। खेतों में खड़े गेहूं का रंग काला पड़ रहा है। इसके साथ ही जायद की दलहनी फसल उदड़, मूंग, खरबूज, तरबूज और अन्य सब्जियों की खेती में भी नुकसान हुआ है।
जिले में गेहूं का रकबा 1़ 24 लाख हेक्टेयर से ऊपर है। वहीं, पिछले दो सालों से जायद की उदड़ और मूंग के रकबे में भी इजाफा हुआ है। वह करीब 32 हजार हेक्टेयर में हो रहीं हैं। इसके साथ ही बड़े क्षेत्रफल में तरबूज, खरबूज और कई सब्जियों की खेती हो रही है। गेहूं की करीब 90 फीसदी फसल खेतों में खड़ी है या खलिहान में पड़ी है। पिछले हफ्ते बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। गेहूं का पहला लाक सूखा नहीं कि मंगलवार की रात फिर से बारिश आ गई। कटाई और थ्रेसिंग फिर बंद हो गई है।
इसी तरह खेतों में मूंग, उड़द व अन्य सब्जियों की फसल बोई गई है। दलहन का अधिकतर रकबा बारिश से खेत की ऊपरी परत पर ठोस पपड़ी से अंकुरित नहीं हो रहा है। किसानों को फिर से बुवाई करनी पड़ सकती है। इसके साथ ही सब्जियों की बेल वाली फसलों को नुकसान हो रहा है। इससे पैदावार में कमी हो सकती है।
पिछले हफ्ते में ही मूंग की बुवाई की थी। अभी उसके दाने अंकुरित नहीं हुए हैं। बारिश से खेत में पपड़ी पड़ने की उम्मीद है। ऐसा हुआ तो दोबारा बुवाई करनी पड़ेगी। इसी तरह खरबूज, तरबूज और सब्जियों की फसलों को नुकसान हुआ है। - लाखन सिंह त्यागी, बरहन
गेहूं की कटाई शुरू किए चार पांच दिन ही हुए हैं। अभी थोड़े से कटे है आंधी ने फसल को खेत में लिटा दिया है। ऊपर से बारिश से कटाई बंद करनी पड़ी है। काफी नुकसान है। - भानु पचौरी, किसान, मलूपुर