आगरा में हिरासत में लेकर छोड़े गए सभी 16 रोहिंग्या मुस्लिमों की जन्म तिथि एक जनवरी होने से खुफिया पुलिस हैरान है। इस बारे में मंगलवार को पड़ताल की गई। इनसे ही पूछा गया है कि सभी लोगों की जन्म तिथि एक जनवरी कैसे है? इनके जवाब संतोषजनक नहीं लगे। इस कारण इनके डेरे पर पुलिस तैनात कर दी गई है।
इनसे कहा गया है कि जांच पूरी होने तक यहां से कहीं न जाएं। फोर्ट स्टेशन से पकड़े गए सभी रोहिंग्या मुस्लिमों के शरणार्थी कार्ड में सभी के जन्मकी तिथि एक जनवरी है। चाहे पांच साल का बच्चा हो या 70 साल का बुजुर्ग, पुरुष हो या महिला, जन्मतिथि में फर्क है तो सिर्फ साल का। सभी साल के पहले दिन जन्मे हैं।
खुफिया एजेंसियों ने इनके कार्ड की फोटो कॉपी यूनाइटेड नेशन हाई कमीशन फोर रिफ्यूजी ( यूएनएचसीआर) के दिल्ली स्थित दफ्तर भेज दिए हैं। वहां से सत्यापन रिपोर्ट आने का इंतजार है। कोलकाता से रोहिंग्या के तीन परिवार आए हैं। इनमें 16 सदस्य हैं। ये सभी रुनकता में ठहरे हैं।
यहां पहले से 12 रोहिंग्या परिवार रह रहे हैं। इन सभी से पूछताछ करने के लिए मंगलवार को खुफिया पुलिस की टीम पहुंची। इनसे पूछा गया कि सभी की जन्म तिथि एक ही कैसे है?