सदर तहसील में नोटिस सुनवाई केंद्र का निरीक्षण करते मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप स्त्रोत सूचना विभा
आगरा। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की हकीकत परखने शनिवार को रोल प्रेक्षक एवं मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप सिंह तहसील सदर पहुंचे। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने नोटिस निस्तारण केंद्र पर दस्तावेज की बारीकी से जांच की। वहीं राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों ने बैठक में मतदाता सूची की गड़बड़ी पर सवाल उठाए।
निरीक्षण के दौरान सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने मंडलायुक्त को बताया कि चुनाव आयोग के निर्देशों के क्रम में प्रतिदिन सुनवाई की जा रही है। शनिवार को लगभग 130 नोटिसों पर सुनवाई पूरी की गई। इस पर आयुक्त ने निर्देश दिए कि प्रत्येक नोटिस का निस्तारण केवल कागजी न हो, बल्कि गुणवत्तापूर्ण हो। उन्होंने आवेदनों के साथ लगे दस्तावेज और फोटो को स्पष्ट रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद मंडलायुक्त ने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के साथ समीक्षा बैठक की। एक प्रतिनिधि ने छावनी विधानसभा का गंभीर मुद्दा उठाते हुए कहा कि वहां एक ही घर में 60 वोट दर्ज हैं। बीएलओ जमा फॉर्म अपडेट नहीं कर रहे हैं। ऐसे में एसआईआर अभियान का क्या लाभ होगा। मंडलायुक्त ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं।
बीएलओ कॉल बुकिंग सेवा पर जताई नाराजगी
आगरा उत्तर, दक्षिण और छावनी विधानसभा के नोटिस केंद्रों पर बहुत कम लोग पहुंच रहे हैं। आयुक्त ने बुक ए कॉल विद बीएलओ सेवा की लचर स्थिति पर नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने राजनैतिक दलों से भी अपील की कि वे अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के माध्यम से अधिक से अधिक फॉर्म-6ए भरवाएं ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए।