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UP: रजावत हाउस में चीखें, मातम और बेटे को खोने का दर्द; तेल मिल मालिक की आत्महत्या से बिखर गया पूरा परिवार

Mon, 09 Feb 2026 09:26 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

तेल मिल मालिक विश्वजीत के रजावत हाउस में जहां खुशियों का शोर रहता था, वहां मातम पसरा हुआ नजर आया। तीन बार पहले भी विश्ववजीत ने जान देने का प्रयास किया, लेकिन चौथी बार में मौत ने उसे अपने आगोश में ले लिया। 
 
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oil mill owner suicide case - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा के शास्त्रीपुरम में खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने वाले विश्वजीत ने इतना बड़ा कदम उठाने की तैयारी पहले से कर रखी थी। उसका कोई दोस्त आपराधिक प्रवृत्ति का नहीं था। फिर भी उसने कहीं से तमंचा, कारतूस और 9 एमएम जैसे प्रतिबंधित बोर की पिस्टल का इंतजाम कर लिया। वह मिल पर काम करने के बहाने सुबह घर से निकला और फिर बकाया वसूली के लिए चला गया था।
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विश्वजीत के फूफा अकबरा गांव के प्रधान शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि विश्वजीत को कोई परेशानी नहीं थी। पिता केनरा बैंक में लोन एजेंट हैं। बड़े भाई अभय प्रताप सिंह नेवी में हैं। डेढ़ वर्ष पूर्व शादी हुई थी। मंझला भाई सूर्य प्रताप बीफार्मा कर रहा है। स्नातक करने के बाद ही विश्वजीत ने कारोबार को अच्छे से संभाल लिया था। वह अमीर बनना चाहता था। सभी से खूब सारे रुपये कमाने की बात करता था।

oil mill owner suicide case - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिता ने कुछ समय पहले ही तीनों बेटों के नाम प्रापर्टी खरीदी थी। विश्वदीप ने भी मिल के बराबर में 250 गज के करीब जमीन खरीदी थी। उसमें वह निर्माण करवाकर तेल उत्पादन के लिए बड़ी मशीनें लगवाने वाला था। शनिवार को वह रोजाना की तरह माल के बकाया की वसूली कर लौटा था। वहीं घटना के बाद पुलिस को शुरुआती जांच में सामने आया है कि विश्वजीत काफी दिनों से आत्महत्या की तैयारी कर रहा था। विश्वजीत सात दिन पहले ही नई कार खरीद कर लाया था। फॉरेंसिक जांच में भी मामला प्रथम दृष्टया आत्महत्या का लग रहा है। उसके दाएं हाथ में तमंचा मिला था और गोली कनपटी को चीरती हुई बाईं ओर से निकली थी। कार के अंदर किसी अन्य के होने के प्रमाण पुलिस को नहीं मिले हैं।

 

oil mill owner suicide case - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पर्सनालिटी डिसऑर्डर की थी परेशानी
विश्वजीत के दोस्तों ने बताया कि उसे पर्सनालिटी डिसऑर्डर की परेशानी थी। वह सबसे अच्छे से बात करता था, पर कभी-कभी गुस्से में आ जाता था और मरने की बात करने लगता था। उस समय लगता था कि जैसे यह कोई और व्यक्ति है। परिजन का कहना था कि चार वर्ष से वह डिप्रेशन में था। उसका निजी चिकित्सक से इलाज चल रहा था। नियमित दवाएं और काउंसलिंग कराई जाती थी। पूर्व में हुई घटनाओं के चलते कोशिश रहती थी कि परिवार का कोई न कोई सदस्य उसके साथ रहे। फिर भी यह घटना हो गई।

 

oil mill owner suicide case - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मरने से पहले हर खास से की बातचीत
विश्वजीत ने मरने से पहले अपने हर खास परिचित से बात की थी। पोस्टमार्टम हाउस पर आए रिश्तेदार और दोस्त यही चर्चा कर रहे थे। सभी का कहना था कि शनिवार को उनके पास विश्वजीत की कॉल आई थी। उसने बहुत अच्छे से बात की थी। ऐसा लग नहीं रहा था कि उसे कोई परेशानी है। मौत की सूचना से सभी हतप्रभ थे।
 

oil mill owner suicide case - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिता से था गहरा लगाव 
परिजनों के अनुसार विश्वजीत को पिता से गहरा लगाव था। वह शराब नहीं पीता था लेकिन पिता के लिए बोतल खरीदकर लाया था। आत्महत्या से पहले विश्वजीत ने जब ग्रुप वीडियो कॉल की तो मां रजनी देवी, दोनों भाई अभय प्रताप सिंह, सूर्य प्रताप सिंह और पिता अमर रजावत जुड़ गए थे। उस समय पिता अपने ऑफिस में थे। बात करने के दौरान विश्वजीत ने पिता को आई लव यू बोलते हुए कहा कि अब जीने का मन नहीं करता। इसके बाद कॉल कट गई तो परिजन चिंतित हो गए। फिर पुलिस से घटना की जानकारी मिली।

 
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oil mill owner suicide case - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शादी नहीं हुई थी 
पड़ोसियों ने बताया कि बीते साल 27 जुलाई को उसने दो मंजिला घर की छत से कूदकर जान देने का प्रयास किया था। एक बार रेलवे ट्रैक पर लेटकर जान देने की कोशिश की थी लेकिन राहगीरों ने बचा लिया था। विश्वजीत की अभी शादी नहीं हुई थी।



 
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