सकीट क्षेत्र में मंगलवार की रात से बारिश शुरू हो गई। खेत में खड़ी मक्का, बाजरा व धान की फसल के लिए किसान बारिश को अमृत समान बता रहे हैं। पिछले सप्ताह बारिश नहीं होने की वजह से किसानों की फसल सूखती नजर आ रही थी। नगला बख्ती के किसान मोनू सिंह फौजी का कहना है कि धान और बाजरा की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई थी। बारिश से काफी लाभ मिला है।
मैनपुरी में मौसम रहा मेहरबान
मैनपुरी में मंगलवार से बदले मौसम ने बुधवार को भी लोगों को राहत दिलाई। सुबह से ही जिले भर में हुई रिमझिम बारिश से मौसम ठंडा रहा। गर्मी का पूरे दिन लोगों को अहसास तक नहीं हुआ। आम जनमानस को तो मौसम ने राहत दिलाई ही है। फसलों के लिए भी मौसम बेहतर हो गया है। इसके चलते किसानों के चेहरे पर भी मुस्कान लौट आई है।
फसलों के लिए बेहतर है मौसम
जिले में अधिकांश किसान धान की ही खेती करते हैं। ऐसे में बारिश और ठंडा मौसम दोनों ही धान की फसल के अनुकूल हैं। वहीं जिन खेतों में मक्का या अन्य फसलें खड़ी हैं, उनमें भी बारिश से कोई नुकसान नहीं होगा। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक विकास रंजन चौधरी ने बताया कि सभी फसलों के लिए बारिश बेहतर ही है।