आगरा में फरवरी में दिन का तापमान 123 साल बाद 34.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। इससे पहले 1897 में एक डिग्री ज्यादा 35.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। हालांकि इस बार फरवरी की शुरुआत कड़ाके की ठंड से हुई थी लेकिन आखिर आते-आते मौसम का मिजाज तेजी से गर्म हो गया। तापमान सामान्य से नौ डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया।
फरवरी में मौसम ने करवटें भी बदलीं। तीन बार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ, लेकिन बहुत कमजोर होने की वजह से बादल आए और चले गए। इस बीच राजस्थान से चली गर्म हवा पश्चिमी विक्षोभ पर भारी पड़ी। इनसे ही फरवरी का महीना मई जैसा गर्म हो गया। आखिरी सप्ताह में तो पारा 30 के नीचे आया ही नहीं। पिछले पांच सालों में हमेशा 30 के नीचे रहा था।
राजस्थान की गर्म हवा ने बढ़ाया पारा
लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि राजस्थान की ओर से आने वाली गर्म हवा के कारण तापमान में इजाफा रहा, पर मार्च के पहले सप्ताह में तापमान में कमी आएगी और बारिश के भी आसार हैं।