अंग्रेजी में कहावत है, एन एप्पल इन अ डे, कीप द डॉक्टर अवे यानी एक सेब रोज खाओ तो डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं होती। कहावत अपनी जगह दुरुस्त है, लेकिन सेब के साथ गड़बड़ी की जा रही है। इस पर मोम की परत चढ़ाकर बेचा जा रहा है। ज्यादातर लोग इससे अनजान है। सेब के साथ मोम को भी खा रहे हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि मोम खाना सेहत के लिए नुकसानदेह है। अब सवाल यह है कि फिर सेब पर वैक्स कोटिंग क्यों होने दी जा रही है? एफएसडीए के अधिकारियों का कहना है कि सरकार ने इसकी अनुमति दे रखी है।
दरअसल, वैक्स कोटिंग के बाद सेब जल्दी खराब नहीं होता है। पहले विदेश में निर्यात के लिए सेब पर यह परत चढ़ाई जा रही थी, लेकिन अब कश्मीर और हिमाचल प्रदेश से देश के अन्य राज्यों में भी वैक्स कोटिंग वाला सेब ही भेजा जा रहा है। दूसरा, कोटिंग के लिए मोम भी घटिया क्वालिटी का इस्तेमाल किया जा रहा है। डॉक्टर कह रहे हैं कि मोम लगे फल खाने से किडनी तक में संक्रमण हो जाता है।