रंधीरपुरा निवासी नरेश कुशवाह का 13 साल का बेटा अमृत दोपहर को खेत पर गया था। शाम करीबन 5 बजे तक जब वह घर नहीं लौटा तो परिजन ने उसकी तलाश शुरू की। अमृत की बहन जब उसे ढूंढते हुए खेत में पहुंची तो वहां पर शव पड़ा देखकर चीखने लगी। अमृत खून से लथपथ पड़ा था, पास ही एक थैली में तरबूज और एक चाकू भी पड़ा मिला।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण आ गए। वहीं सूचना पर पुलिस फोर्स भी पहुंच गई। पुलिस ने शव को उठाने का प्रयास किया। मगर आक्रोशित परिजन ने शव को उठाने देने से मना कर दिया। पुलिस की गाड़ी के आगे धरने पर बैठ गए। पिता नरेश का आरोप है कि खेत को बंटाई पर लेने वाले लोगों ने ही तरबूज तोड़ने के मामूली विवाद में उनके बेटे की हत्या कर दी है।
रात साढ़े आठ बजे तक परिजन और ग्रामीण खेत पर ही डटे रहे। मामले की गंभीरता और बढ़ते तनाव को देखते हुए डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य कुमार ने भारी पुलिस बल को बुला लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बात की। समझाने का प्रयास किया। आश्वासन दिया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डीसीपी ने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाकर शांत कराया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामनाथ सिकरवार भी मौके पर पहुंचे।
चल रही पूछताछ
डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कुछ संदिग्ध हिरासत में लिए गए हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है। प्रथम दृष्टया तरबूज तोड़ने के विवाद में हत्या की बात कही गई है। हालांकि अभी पूछताछ की जा रही है। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य संकलन किया जाएगा।