सिकंदरा स्थित 220 केवी सबस्टेशन पर आइसोलेटर बदलने के काम के कारण सुबह 7 से दोपहर 12 बजे तक का शटडाउन रहेगा। ऐसे में सुबह सिकंदरा वाटरवर्क्स पर शोधन और शाम को आधे शहर में जलापूर्ति पर असर पड़ सकता है।
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम की ओर से 220 केवी सिंकदरा सबस्टेशन पर 132 केवी, 63 केवी ट्रांसफार्मर की बस और आइसोलेटर बदलने के काम के कारण रविवार सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक शटडाउन लिया जा रहा है। इससे 33 केवी जलसंस्थान फीडर भी इस दौरान बंद रहेगा। सिकंदरा वाटरवर्क्स पर सुबह पानी के शोधन और पंपिंग की प्रक्रिया इससे रुक जाएगी। सिकंदरा वाटरवर्क्स से आधे शहर की जलापूर्ति होती है।
144 एमएलडी गंगाजल और 72 एमएलडी एमबीबीआर प्लांट बंद रहने से शोधन नहीं होगा तो शाम को भी जलापूर्ति ठप रह सकती है। हालांकि दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने 33 केवी सिकंदरा, यूपीएसआईडीसी और गुरु का ताल फीडर को दूसरे सबस्टेशनों के जरिए बिजली देने की तैयारी की है, लेकिन सिकंदरा वाटरवर्क्स पर टोरंट का कोई फीडर नहीं है, जिससे इसे जोड़कर जलापूर्ति के लिए पंप चलाए जा सकें।
शाम को इस शटडाउन की सूचना मिलने पर जलकल विभाग ने दक्षिणांचल के अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन डीवीवीएनएल के अधिकारियों का कहना है कि शटडाउन के लिए वह ट्रांसमिशन कारपोरेशन से अनुमति ले चुके हैं और अब समय में बदलाव नहीं किया जा सकता। जलकल विभाग सुबह 9 बजे के बाद शटडाउन के लिए कह रहा था, ताकि सुबह 6 से 9 बजे तक जलापूर्ति की जा सके।
यमुनापार पानी के संकट के लिए री-बोर होंगे दो ट्यूबवेल
नाई की सराय क्षेत्र, यमुनापार में दो ट्यूबवेल री-बोर किए जाएंगे। जलकल महाप्रबंधक आरएस यादव ने बताया कि नाई की सराय क्षेत्र में 16 ट्यूबवेल लगाए गए थे, जिनमें से दो का जलस्तर गिर गया है। इन्हें री-बोर करना होगा। इस पर 30 लाख रुपये की लागत आएगी, जिसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कोशिश है कि जून के महीने में री-बोर कराकर दोनों ट्यूबवेल चालू कर दिए जाएं।
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