सोरोंजी। सोमवती अमावस्या का महा स्नान पर्व 8 अप्रैल को है। हरि की पौड़ी में गंगा स्नान व पितरों का तर्पण श्राद्ध करने के लिए काफी संख्या में विभिन्न प्रदेशों से श्रद्धालु पहुंचेंगे। हरि की पौड़ी में घटते जल व बढ़ते प्रदूषण के कारण श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होंगी।वर्तमान में हरि की पौड़ी को जलापूर्ति करने वाले बंबा में जल बिलकुल नहीं है। महास्नान के पर्व में महज तीन दिन शेष हैं। पुरोहित चिंतित हैं कि कैसे श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे। इसी माह बालाजी का जन्मोत्सव चैत्र पूर्णिमा, अगले माह महर्षि परशुराम का जन्मोत्सव अक्षय तृतीया, मां गंगा का अवतरण दिवस गंगा सप्तमी जैसे बड़े स्नान पर्व भी आयोजित होने हैं। हरि की पौड़ी के पूर्वी छोर के घाटों पर अत्यधिक प्रदूषण है। हवा के साथ उड़ कर आ रही सारी धूल मिट्टी व श्रद्धालुओं द्वारा पूजन में निरंतर प्रयोग की जा रही निष्प्रयोजय पूजन सामग्री, घटता जल स्तर प्रदूषण का कारक माना जा रहा है। माना जा रहा है कि पालिका द्वारा जल की ऊपरी सतह पर उतराती गंदगी साफ कराने की कवायद नाकाफी है। इसके लिए अधिक संसाधन लगाए जाने की जरूरत है।