एटा। जिले में मिनरल वाटर के नाम पर लोगों को बीमारियां परोसी जा रही हैं। पैक्ड पानी बेचने वाले लोगों को बोतलों में अशुद्ध पानी भरकर बेच रहे हैं। हाल ही में जिले की अलीगंज क्षेत्र से लिए गए मिनरल वाटर की बोतलों के नमूने जांच में फेल हो गए हैं। वहीं जिले की एक घी निर्माता कंपनी का नमूना असुरक्षित घोषित किया गया है। लखनऊ प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
दरअसल, पिछले महीने खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने अलीगंज क्षेत्र से पैक्ड वाटर बोतलों के नमूने लिए थे। इसमें पानी के तीन नमूने फेल हो गए। टीम ने 25 जून को अलीगंज के मोहल्ला राम प्रसाद चौधरी में विकास गुप्ता के यहां से एक्वा फ्रेश पैक्ड वाटर का नमूना लिया। वहीं मोहल्ला कांशीराम से संजय गुप्ता और जैथरा से पैक्ड वाटर का नमूना लिया। तीनों नमूनों को लखनऊ प्रयोगशाला ने जांच में मिस ब्रांड घोषित किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार पानी में अशुद्धता पाई गई है। इसे लेकर पानी विक्रेताओं में हड़कंप मचा है। वहीं विभाग ने तीनों विक्रेताओं को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
श्री कमल घृत का नमूना फेल
विभाग की टीम ने 25 जून को कैलाश गंज में कमल घृत फर्म से घी नमूना लिया था। जो जांच में अधोमानक घोषित किया गया। वहीं श्री कमल घी के नमूने में चींटे पाए गए। जिसे प्रयोगशाला ने असुरक्षित घोषित किया है। विभाग ने फर्म संचालिका नीना जैन और पवन जैन को नोटिस जारी किया है।
बर्फी और सरसों का तेल भी अधोमानक
29 जून को आगरा रोड पर बृजमोहन के यहां से लिया गया रंगीन बर्फी का नमूना अधोमानक घोषित हुआ है। इसमें बाह्य पदार्थ पाए गए। जबकि अलीगंज के मोहल्ला रामप्रसाद चौधरी में परमानंद गोस्वामी के यहां से लिया गया सरसों के तेल का नमूना अधोमानक घोषित हुआ है।
19 पानी प्लांट हैं पंजीकृत
जिले में यूं तो गली-गली में पानी के प्लांट खुले हुए हैं, लेकिन विभाग में 19 प्लांट की पंजीकृत हैं। अवैध रूप से पानी बेचने वाले लोगों को अशुद्ध पानी देकर बीमारियां बांट रहे हैं।
हो सकती हैं तमाम बीमारियां
डाक्टर मनोज गुप्ता बताते हैं कि अशुद्ध पानी पीने से तमाम गंभीर बीमारियां जन्म लेती हैं। इससे पेट और लीवर को नुकसान पहुंचता है। साथ ही पीलिया, पोलियो, जुकाम, चेचक, अतिसार, पेचिस, मियादी बुखार, हैजा, डायरिया और टीबी फैल सकता है।
वैन ने किया जागरूक
पिछले दिनों खाद्य सुरक्षा विभाग की वैन ने तीनों तहसीलों में लोगों को जागरूक किया। साथ ही खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच की। इस दौरान 135 नमूने लिए गए, जिनमें 62 फेल हो गए।
पानी में बढ़ रहा फ्लोराइड
जिले में पीने के पानी में पहले से अशुद्धता बढ़ रही है। जल निगम की प्रयोगशाला के मुताबिक पानी में फ्लोराइड की मात्रा 1.5 एमजी पहुंच गई है। जोकि 0.5 होनी चाहिए। वहीं टीडीएस की मात्रा 600 तक पहुंच गई है। जो कि 100-150 तक होनी चाहिए।
पानी के नमूनों को मिस ब्रांड घोषित किया गया है। इनमें अशुद्धता पाई गई है। जबकि घी का नमूना असुरक्षित मिला है। विक्रेताओं को नोटिस दिए गए हैं।
अनिल यादव, खाद्य सुरक्षा आधिकारी