शहर की मूलभूत जरूरत पानी के लिए मारामारी जोरों पर है। कई इलाकों में लगभग हफ्ते भर से पानी नहीं पहुंच रहा। लोगों की सुबह की शुरुआत ठिठुरते हुए पानी भरने के लिए दूर-दराज जाने से शुरू होती है।
समस्या इस कदर विकराल है कि लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति गुस्सा देखने को मिल रहा है। जनप्रतिनिधि गंगाजल प्रोजेक्ट के लिए पैरवी तो कर रहे हैं लेकिन फौरी तौर पर पानी की समस्या से निजात दिलाने को हैंडपंप और सबमर्सिबल लगाने की ओर ध्यान नहीं है।
हालांकि शासन की ओर से हर विधायक को 100 हैंडपंप लगवाने की स्वीकृति मिल चुकी है लेकिन उन्होंने अब तक सभी हैंडपंप लगवाने की कवायद नहीं की है। यही वजह है कि प्यासी जनता मारामारी पर उतारू है और जलकल विभाग शहर में पेयजल सप्लाई करने में नाकाम साबित हो रहा है।