कासगंज। कालीनदी में विषैला पानी होने के कारण मछलियों के मरने के मामले में अलीगढ़ से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम जांच के लिए कासगंज पहुंची। यहां कालीनदी के पानी की जांच की और डिजॉल्वड ऑक्सीजन का लेवल देखा। नदी में नहर का पानी छोड़े जाने से पानी की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। यहां ऑक्सीजन लेवल 5.01 पर पहुंच गया है, जो जलीय जीवों के लिए पर्याप्त बताया जा रहा है।
दो दिन पहले कालीनदी में सैकड़ों मरी मछलियां बहती हुई देखी गईं। अमर उजाला में खबर प्रकाशन के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हरकत में आया। विभागीय विशेषज्ञ केके शर्मा के नेतृत्व में टीम मंगलवार को कासगंज पहुंची और कालीनदी के पानी क ी जांच की। जांच टीम ने पानी की गुणवत्ता में काफी सुधार पाया। डिजॉल्वड ऑक्सीजन लेवल 5.01 मिला। टीम ने मछलियों के मरने का कारण प्रथम दृष्टया गंदगी माना है। जांच में यह भी पाया कि सतह पर जमा शिल्ट पानी में किसी तरह घुल गई थी। इससे पानी काफी गंदा और विषैला हो गया था, लेकिन अब जलीय जीवों के लिए नदी का पानी सुरक्षित है।
अलीगढ़ प्रयोगशाला में भी होगी जांच
टीम ने कालीनदी के पानी की मौके पर उपकरणों से जांच कर ली, लेकिन पानी की जांच अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अलीगढ़ प्रयोगशाला में भी होगी। इसके लिए पानी के नमूने लिए हैं जो प्रयोगशाला ले जाए गए।
जांच में यह पाया गया
- 5.01 मिलीग्राम डिजॉल्वड ऑक्सीजन प्रति लीटर पानी में।
- 22 हैजन पाया गया पानी का रंग।
- 10 हैजन नदियों के पानी का होता है सामान्य रंग।
- 12 हैजन तक बढ़ गया है प्रदूषण के कारण रंग।
- कालीनदी में मछलियों की मौत गंदगी के कारण हुई है। मंगलवार को पानी की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है। पानी में 5.01 ऑक्सीजन लेवल है।
- रामगोपाल, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।