मथुरा में पानी के काले कारोबार का पर्दाफाश हुआ है। कृष्णाकुंज में एक फैक्टरी में पानी की ब्रांडेड कंपनियों के नाम से पानी के पाउच तैयार करके सप्लाई किए जा रहे थे। इस फैक्टरी से महानगर के साथ ही आसपास के इलाकों में पानी की सप्लाई की जा रही थी। पानी की गुणवत्ता चेक करने के लिए सैंपल भी लिए गए हैं जो प्रयोगशाला को भेजे जाएंगे। वहीं प्रशासन की टीम ने फैक्टरी को सील कर दिया है।
मथुरा में गर्मी के मौसम के दौरान पानी का बड़ा कारोबार होता है। इसमें वैध ही नहीं, अवैध रूप से भी अनेक प्लांट शुद्ध पानी के नाम पर पाउच सहित पैक्ड बोतलों की आपूर्ति करते हैं। गोवर्धन के गांव आन्यौर में संभावित दूषित जलापूर्ति से 300 से अधिक के बीमार होने के बाद खाद्य विभाग की टीम ने शनिवार को महानगर क्षेत्र में छापा मारा।
इस दौरान कृष्णाकुंज में अवैध रूप से संचालित प्लांट पकड़ा गया है, जहां ब्रांडेड कंपनियों के नाम से पानी के पाउच तैयार हो रहे थे। टीम ने मौके से चिअरप, एक्वाआरएस सहित बिसहिरी नामक कंपनियों के पाउचों तैयार करने वाले रॉल मिले हैं। यहां से पानी के नमूने लेते हुए प्लांट को सील कर दिया गया है। यहां बड़ी मात्रा में पानी के पाउच मिले हैं।