कासगंज। पहाड़ों पर हुई तेज बारिश के कारण गंगा के बैराजों पर पानी का दबाव बढ़ते ही डिस्चार्ज बढ़ा दिया गया। इससे कछला में गंगा के जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की वृद्धि हुई। वहीं बरौना गांव में तटबंधों पर गंगा की धारा का प्रवाह तेज होने से बरौना के तटबंधों के क्षति होने की आशंका है। सोमवार को सिंचाई विभाग की टीमें तटबंधों पर कटानरोधी कार्य करने में जुटी रहीं। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता भी मौके पर रहे। जलस्तर बढ़ने से गंगा घाटों पर स्नान के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।ऑतीन दिन पहले से पहाड़ों पर अत्यधिक बारिश होने के कारण गंगा में उफान बढ़ा। सोमवार को हरिद्वार से 58 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज रहा। वहीं बिजनौर से रविवार को 1.21 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था। बढ़े हुए डिस्चार्ज के कारण नरौरा बैराज से कछला ब्रिज की ओर सुबह डिस्चार्ज करीब 43 हजार क्यूसेक बढ़ गया। जिससे गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने लगी। पिछले 24 घंटों में करीब 5 सेंटीमीटर की वृद्धि गंगा के जलस्तर में हो गई।गंगा के जलस्तर में वृद्धि का सर्वाधिक प्रभाव कटान आपदा की मार झेल रहे बरौना पर नजर आया। जहां गंगा की धारा तटबंधों पर प्रहार करते हुए आगे बढ़ रही थी। कटान की आशंका को देखते हुए सिंचाई विभाग बरौना पर सक्रिय नजर आया। अवर अभियंता की मौजूदगी में कर्मी कटानरोधी कार्य करते नजर आए। फिलहाल जलस्तर बढऩे के बाद अभी तक न कहीं कटान की परिस्थिति का सामना करना पड़ रहा है और न ही बाढ़ की आशंका है, लेकिन बरौना गांव के गंगा में जलस्तर बढ़ते ही चिंतित होने लगते हैं।