कासगंज। मण्डलायुक्त जीएस प्रियदर्शी ने अवगत कराया है कि जनपद को अमृत योजना में नगर में पुनर्गठन पेयजल योजना पार्ट-2 से संबंधित परियोजनाओं के लिए द्वितीय किश्त के रूप में 793.08 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा है कि आवंटित धनराशि से कराए जाने वाले विकास कार्यों से जनता को लाभ मिलेगा एवं होने वाले विकास कार्यों से सरकार के प्रति उनका विश्वास भी बढ़ेगा।
प्रियदर्शी ने बताया कि अमृत योजना के अंतर्गत वर्ष 2017-20 के लिए नगर पालिका परिषद कासगंज की पुनर्गठन पेयजल योजना पार्ट-2 के अन्तर्गत प्रथम किश्त के रूप में अवमुक्त धनराशि 396.54 लाख रूपये का उपभोग प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए जाने के बाद द्वितीय किश्त के रूप में केंद्रांश 431 लाख रुपये, राज्यांश 258.60 लाख रुपए एवं सेंटेज 103.48 लाख रुपए कुल 793.08 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
कमिश्नर प्रियदर्शी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आवंटित धनराशि का व्यय मिशन निदेशक (अमृत), नगरीय निकाय निदेशालय के नोडल खाते में अमृत योजना के अन्तर्गत उपलब्ध धनराशि के सापेक्ष किया जाएगा। अमृत योजना के अन्तर्गत सैप-1, सैप-2, सैप-3 के अन्तर्गत प्राप्त धनराशि को योजना से संबंधित अन्य कार्यों को पूर्ण करने के लिये भी प्रयोग किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अमृत योजना के तहत भारत एवं राज्य सरकार के अंश के साथ-साथ निकाय अंश की धनराशि की भी आवश्यकता होती है। जिसे प्रत्येक किश्त के साथ अवमुक्त करने में निकायों के स्तर से कठिनाई आ रही है। ऐसे में निकाय अंश को परियोजना के पूूर्ण होने से पूर्व निकाय द्वारा कार्यदायी संस्था को उपलब्ध करा दिया जाए। आवंटित सेंटेज की धनराशि कार्यदायी संस्था को इस प्रकार नियमानुसार उपलब्ध कराई जाए।
मण्डलायुक्त ने निर्देश दिए कि धनराशि का व्यय अमृत योजना की गाइडलाइन एवं वित्तीय नियमों के अंतर्गत किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना लागत में शामिल निकाय अंश की धनराशि संबंधित निकाय द्वारा ही वहन की जाएगी ।उन्होंने निर्देश दिए कि कार्य प्रारंभ करने से पूर्व वित्तीय हस्त पुस्तिका के अनुसार सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त कर ली जाए। व्यय वित्त समिति द्वारा दिए गए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए निष्प्रोज्य उपकरणों एवं सामग्री से प्राप्त धनराशि राजकोष में जमा कराई जाए।