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आगरा: शहरी गरीबों के मकानों में पानी का संकट, सात हजार लोग हो रहे परेशान

Tue, 29 Sep 2020 02:42 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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पानी लेकर जाती युवती - फोटो : अमर उजाला
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आगरा के शास्त्रीपुरम में शहरी गरीबों के लिए बेसिक सर्विसेज फॉर अर्बन पुअर (बीएसयूपी) योजना के तहत बनाए गए मकानों में लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) की इस योजना को आगरा विकास प्राधिकरण ने बनाया है। 

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1360 मकानों वाले 15 ब्लॉक में पानी की पाइप लाइन बिछाई गई है लेकिन 8 महीने से यहां रह रहे लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। डूडा का दावा है कि ट्यूबवेल से सप्लाई हो रही है लेकिन इन मकानों में रहने वाले लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। तीन ब्लॉक में चंदा करके आवंटियों ने ही सबमर्सिबल पंप लगवाया है लेकिन वह नाकाफी साबित हो रहा है।


बीएसयूपी शास्त्रीपुरम के मकानों में सीवर लाइन है और ना ही पानी की व्यवस्था हुई है। 8 महीने पहले मकानों का आवंटन किया गया था जिसके बाद लोग यहां रहने आ गए। पहली ही बारिश में घटिया निर्माण के कारण छतें टपकने लगीं तो फिर सीवर लाइन चोक हो गईं और अब पानी भी नहीं मिल रहा है। डूडा के अधिकारी इन समस्याओं के लिए एडीए पर ठीकरा फोड़ रहे हैं।

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चंदा कराके लगाया सबमर्सिबल
बीएसयूपी के तहत बने मकान में रहने वाले रंजीत ने कहा कि आठ महीने शास्त्रीपुरम में रहते हुए हो गए लेकिन यहां पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। हम लोगों ने आपस में चंदा करके सबमर्सिबल पंप लगवाया है लेकिन ये नाकाफी है।

घटिया मकान बनाकर थमाए
ललिता देवी ने बताया कि हम लोगों को सीवर और पानी की सुविधा के साथ मकान देने का वादा किया गया था फिर पानी की सप्लाई क्यों नहीं हो रही है हमें घटिया मकान बनाकर थमा दिए गए हैं ना पानी की व्यवस्था है और ना ही सीवर की। 

जल्द दूर होगी समस्या
डूडा के उपनिदेशक संजय पथरिया ने कहा कि बीएसयूपी के मकानों में जलापूर्ति ट्यूबवेल के जरिए करने की व्यवस्था है। कुछ ब्लॉक में पानी नहीं मिल रहा है, लेकिन वहां समस्या जल्दी दूर हो जाएगी। 
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