मंजूरी के बाद भी नहीं बने कॉपरेटिव के वेयर हाउस
बीते वर्ष शासन ने दी थी स्वीकृति, जमीन नहीं हो सकी विभाग के नाम
लाखों रुपये खर्च कर किराये पर लिए जा रहे हैं वेयर हाउस
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। खाद्यान्न को सुरक्षित रखने के लिए सहकारिता विभाग को दो वेयर हाउस बनाने के लिए शासन ने मंजूरी दी है लेकिन नियमों के चक्कर में इन वेयर हाउस का निर्माण लटका हुआ है। जबकि विभाग को किराए के वेयर हाउस में अपना खाद्यान्न संरक्षित करना पड़ रहा है।
जिले में सहकारिता विभाग द्वारा समितियों के माध्यम से हर साल गेहूं की बड़े पैमाने पर खरीद की जाती है। खरीद के बाद हजारों मीट्रिक टन गेहूं को संरक्षित करने के लिए हर बार समस्या आती है। इसे देखते हुए बीते वर्ष राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत शासन ने तीस-तीस लाख की औसत लागत से सौ मीट्रिक टन क्षमता के दो वेयर हाउस बनाने के लिए सहकारिता विभाग को मंजूरी दी थी। इनमें से एक वेयर हाउस सुल्तानगंज तो दूसरा सिमरई में बनाया जाना था। इनके निर्माण के लिए उप जिलाधिकारी के माध्यम से ग्राम सभा की जमीन भूमि प्रबंधन समिति की बैठक में प्रस्ताव पास कर विभाग को दे दी गई बावजूद इसके निर्माण कराया। दरअसल विभागीय नियमों के अनुसार निर्माण कार्य के लिए राजस्व अभिलेखों में भूमि विभाग के नाम दर्ज होना आवश्यक है। दूसरी ओर राजस्व विभाग के अनुसार प्रस्ताव करके तो विभाग को निशुल्क जमीन दी जा सकती है, लेकिन अभिलेखों में नाम दर्ज कराने के लिए भूमि की कीमत चुकानी होगी। इसी के चलते डेढ़ साल में ये निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
नहीं हैं धनराशि की व्यवस्था
सहकारिता विभाग के सामने समस्या ये है कि उनके पास जमीन खरीदने के लिए धनराशि की कोई व्यवस्था नहीं है। मामले में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता की ओर से रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर मार्गदर्शन मांगा गया है।
किराये पर लिए जाते हैं वेयर हाउस
विभाग किराए के वेयर हाउस में गेहूं रखने के लिए मजबूर है। विभाग के पास केवल दो ही वेयर हाउस हैं। इनमें करहल रोड और आगरा रोड के वेयर हाउस शामिल हैं। इनके अलावा गेहूं रखने के लिए विभाग हर साल लाखों रुपये खर्च करके किराए पर वेयर हाउस लेता है।
अभिलेखों में भूमि विभाग के नाम दर्ज न हो पाने के कारण समस्या आ रही है। उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा गया है। जैसे निर्देश होंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
अंकिता उप्रेती, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता।