विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान जिन मतदाताओं ने गणना फॉर्म अधूरा भरा है। 2003 की मतदाता सूची से उनकी मैपिंग नहीं हो सकी है। ऐसे मतदाता परेशान नहीं हो, उनके पास आधार कार्ड सहित 11 विकल्प हैं। जिन्हें नोटिस की प्रति के साथ वह सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष जमा करा सकते हैं।
जिले में 2003 की मतदाता सूची से 3.24 लाख मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी है। ऐसे मतदाताओं को 31 दिसंबर से नोटिस जारी होंगे। उन्हें 21 फरवरी तक नोटिस का जवाब देना होगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी यमुनाधर चौहान ने बताया कि जिन मतदाताओं का ब्योरा 2003 की सूची से या डाटाबेस से मेल नहीं खा रहा। उन्हें मैपिंग के लिए 11 प्रकार के दस्तावेज में कोई एक उपलब्ध कराना होगा।
आधार कार्ड अनिवार्य है। नोटिस के जवाब में दाखिल होने वाले दस्तावेज मतदाता को स्वप्रमाणित करने होंगे। जिसके बाद उनका नाम 2025 की एसआईआर डाटाबेस में शामिल किया जाएगा। जो मतदाता नोटिस के बावजूद दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराएंगे। उनके नाम सूची से हट जाएंगे।
इनमें से कोई एक दस्तावेज जरूरी
- केंद्र या राज्य कर्मचारी या पेंशनभोगी को सरकार या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम से जारी परिचय पत्र।
- 1 जुलाई 1987 से पहले जारी कोई भी सरकार, बैंक या डाकघर से परिचय पत्र, प्रमाण पत्र, अभिलेख।
- सक्षम अधिकारी से जारी किया गया जन्म प्रमाण पत्र।
- मान्यता प्राप्त बोर्ड, विश्वविद्यालय से जारी मैट्रिकुलेशन या शैक्षिक प्रमाण पत्र
- जिला या तहसील स्तर से सक्षम अधिकारी से जारी निवास प्रमाण पत्र।
- राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां भी हो)।
- राज्य या स्थानीय अधिकारी की ओर से तैयार परिवार रजिस्टर।
- सरकार से जारी कोई भी भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र।
- पासपोर्ट