मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में पिछड़ने के बावजूद लापरवाही नहीं रुक रही है। मतदाताओं की सहूलियत के लिए कलेक्ट्रेट स्थित निर्वाचन कार्यालय में बनी हेल्पडेस्क ही हेल्पलेस हो गई। मंगलवार को यहां कोई बीएलओ नहीं बैठा। गणना फॉर्म जमा कराना, भरवाना तो दूर, मतदाताओं को सही सूचनाएं देने के लिए कोई प्रशिक्षितकर्मी तक तैनात नहीं था।
एसआईआर में एक दिन शेष है। 11 दिसंबर तक मतदाताओं के पास फॉर्म जमा करने का मौका है जिनके फॉर्म जमा नहीं होंगे उनके नाम मतदाता सूची से कट जाएंगे। बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता हैं जिनके फॉर्म जमा नहीं हुए हैं। 2003 का ब्योरा भी ट्रेस नहीं हो रहा है। ऐसे में मतदाता परेशान हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम अरविंद एम बंगारी ने कलेक्ट्रेट व नगर निगम में हेल्पडेस्क स्थापित कराई थी। ये हेल्पडेस्क महज औपचारिकता भर रह गई है।
मंगलवार को अमर उजाला टीम हेल्पडेस्क पर पहुंची तो टेबल पर तीन लोग बैठे मिले। यहां फॉर्म जमा नहीं हो रहे थे। चाय पी रहे कर्मियों ने कहा कि फॉर्म जमा कराना है या भरवाना है तो बीएलओ से संपर्क करिये। यहां फॉर्म जमा नहीं होगा। ऐसे में मदद के लिए पहुंचने वाले मतदाता भटकने को मजबूर हैं।
मतदाता पंजीकरण केंद्र में भीड़
सदर तहसील में उत्तर, दक्षिण, छावनी और ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र का मतदाता पंजीकरण केंद्र है। मंगलवार दोपहर में यहां बीएलओ की भीड़ थी। 10 से अधिक कर्मचारी डाटा फीडिंग में जुटे हुए थे, जबकि महिला बीएलओ मृतक, स्थानांतरित, अनुपस्थित मतदाताओं की सूची में बना रही थीं। केंद्र के बाहर पेड़ के नीचे मतदाता बैठे हुए थे जिनके हाथ में पहचानपत्र था लेकिन, उन्हें एसआईआर का गणना फॉर्म नहीं मिला। बोदला सराय निवासी मंजूलता ने बताया कि वो हर चुनाव में वोट डालती आ रही हैं लेकिन 2003 की सूची में उनका नाम नहीं है।
हेल्पडेस्क की व्यवस्थाएं बेहतर की जाएंगी। प्रशिक्षित स्टॉफ की तैनाती होगी। संबंधित को स्पष्ट निर्देश जारी किए थे। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई करेंगे।
-यमुनाधर चौहान, उप जिला निर्वाचन अधिकारी