ताजमहल को प्रदूषण से बचाकर सदियों तक सहेजने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनाए जा रहे विजन डॉक्यूमेंट ड्राफ्ट को प्रदेश सरकार को सौंप दिया गया है।
दिल्ली के स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर ने फाइनल विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर इसे ताज ट्रिपेजियम जोन अथारिटी को भी भेज दिया है। इस ड्राफ्ट पर भी एसपीए ने उद्योग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित अन्य विभागों के अफसरों से अध्ययन कर आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं,
जिन्हें फाइनल ड्राफ्ट में शामिल किया जा सके। इसके बाद इसे 6 फरवरी को सुनवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया जाएगा। ताजमहल के आसपास बढ़ते प्रदूषण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बीते साल दिसंबर में विजन डाक्यूमेंट तैयार कराने के निर्देश दिए थे।
एक साल बाद भी विजन डाक्यूमेंट तैयार नहीं हो सका, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इसे चार महीने में दाखिल करने का आदेश दिया था। विजन डाक्यूमेंट तैयार कर रहे स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर ने सुप्रीम कोर्ट में नवंबर में हुई सुनवाई के लिए दौरान विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने को और समय मांगा था।