भारतीय क्रिकेट टीम के विस्फोटक बल्लेबाज रहे वीरेंद्र सहवाग ने खिलाड़ियों को धैर्य के साथ परिश्रम करने का संदेश दिया। बताया कि एक मौका खिलाड़ी को बहुत आगे ले जा सकता है। उम्मीद कभी नहीं छोड़नी चाहिए। उम्मीद पर दुनिया कायम है।
भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने गुरुवार को गोयंका चाहर एकेडमी में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि मेहनत करने से कभी चूकना नहीं चाहिए। मेहनत की बदौलत ही सफलता हासिल की जा सकती है। वीरेंद्र सहवाग ने खिलाड़ियों को प्रेरित करने के लिए अपना किस्सा भी सुनाया।
उन्होंने बताया कि 17 वर्ष की आयु तक उन्हें अंडर-19 क्रिकेट टीम में खेलने का मौका नहीं मिला। हर साल ट्रायल देते थे, सेलेक्ट नहीं हो पाते थे। एक बार दिल्ली की अंडर-19 टीम में जामिया मिलिया इस्लामियां स्कूल की ओर से खेलने का मौका मिला।