विश्व धरोहर ताजमहल के परिसर में एक साड़ी ब्रांड के प्रमोशनल शूट का वीडियो वायरल होने के बाद, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस वीडियो के प्रसारित होने के बाद लोगों में रोष व्याप्त है, जिन्होंने इस घटना की जांच की मांग की है।
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक महिला को ताजमहल के मुख्य परिसर में साड़ी पहने हुए मॉडल के रूप में शूट करते हुए दिखाया गया है। यह वीडियो तब से तेजी से वायरल हो रहा है और इसने कई लोगों को नाराज कर दिया है। कई उपयोगकर्ताओं का मानना है कि इस तरह के प्रमोशनल शूट ताजमहल की गरिमा का उल्लंघन करते हैं।
ताजमहल परिसर के भीतर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी को लेकर सख्त नियम हैं। विशेष रूप से, किसी भी प्रकार के व्यावसायिक या प्रमोशनल गतिविधियों के लिए एएसआई से विशेष अनुमति की आवश्यकता होती है। वायरल हुए वीडियो में दिख रहा शूट इन नियमों के विपरीत प्रतीत होता है, जिससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या इस शूट के लिए आवश्यक अनुमतियां ली गई थीं या यह बिना अनुमति के किया गया था।
सोशल मीडिया पर एक उपयोगकर्ता ने इस घटना को '13 तारीख को हुए किसी इवेंट' से जोड़ा है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह किस तरह का इवेंट था। सबसे बड़ा प्रश्न यह उठ रहा है कि क्या यह शूट वास्तव में ताजमहल के परिसर में हुआ था या यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा जनरेटेड बैकग्राउंड का उपयोग करके बनाया गया एक वीडियो है। इस संदेह को दूर करने के लिए एएसआई द्वारा सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।