कई ऐसे भी मरीज हैं, जिन्होंने खुद ही मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक दवा खरीद कर खा ली। इससे दवाओं के रेजिस्टेंट होने का खतरा होता है। इससे वायरल बुखार को ठीक होने में भी 7-10 दिन का समय लग रहा है। शुरूआत में पैरासिटामॉल ले सकते हैं, इससे आराम न मिलने पर विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाएं। एसएन के बाल रोग के डॉ. राम क्षितिज शर्मा ने बताया कि वायरल फीवर के संपर्क में आने से ये तेजी से बढ़ रहा है। स्कूल में किसी बच्चे के पीड़ित होने से अन्य में भी फैल रहा है। ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। औसतन रोजाना 200 से अधिक मरीज आ रहे हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
- बच्चाें को अभी कोल्डड्रिंक-आइसक्रीम से बचाएं।
- घर में रखी दवाएं और सिरप को बिना परामर्श न दें।
- बच्चों को खिलाने-पिलाने से हाथों को साफ करें।
- जुकाम-खांसी के मरीज मास्क लगाएं, खांसते वक्त रुमाल लगाएं।
- बच्चों को बुखार-खांसी है तो उसे स्कूल भेजने से बचें।
- बुखार आने पर पैरासिटामॉल लें, आराम न मिलने पर डॉक्टर को दिखाएं।
- वयस्क मरीज गर्म पानी की भाप लें, नमक डालकर गरारे कर सकते हैं।
- बिना डॉक्टरी परामर्श के एंटीबायोटिक दवाएं न लें।