एटा के मेडिकल कॉलेज में इन दिनों मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। दिन प्रति दिन मरीज बढ़ते जा रहे हैं। पांच दिन के अंदर 361 मरीज बढ़ गए। सोमवार को कुल मिलाकर 1820 मरीजों ने नए पर्चे बनवाए। जबकि करीब 400 मरीजों ने पुराने पर्चे पर दवाएं लीं। सबसे ज्यादा मरीज बुखार संबंधी रहे। इसके अलावा डिहाईड्रेशन, त्वचा रोग के मरीजों की संख्या भी अधिक रही। भीड़ के चलते पर्चा बनवाने से लेकर दवा लेने तक मारामारी की स्थिति बनी रही।
सुबह से पहुंचे मरीजों ने चिकित्सक की सलाह पर जांच कराने के लिए लैब में सैंपल दे दिए। लेकिन जांच होने के बाद रिपोर्ट 1.30 बजे से मिलना शुरू हुईं। उस समय तक चिकित्सक उठ गए और रिपोर्ट हाथ में लिए मरीज भटकते रहे। कर्मचारियों ने बताया कि अभी दवा ले जाओ, रिपोर्ट दिखाने के लिए कल आ जाना।
एमसीएच विंग में बच्चों को देख रहे चिकित्सक डॉ. वैभव गुप्ता ने बताया कि बच्चों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। बच्चे बुखार के साथ-साथ खांसी की चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने कहा दिन में पड़ रही तेज धूप व रात के समय तापमान का कम होना बच्चों को बीमार बना रहा है। उनको ठंडे पानी सहित आइसक्रीम आदि खाने से बचाएं। वहीं एसी व कूलर में बच्चों को न लिटाएं।
अचानक से उल्लटियां होने के साथ सर्दी सी महसूस हुई और बुखार आ गया। अस्पताल में दवा के लिए आए डॉक्टर ने जांच लिखी। जांच रिपोर्ट दो बजे मिली। तब तक डॉक्टर उठ गए। अब किसी निजी डॉक्टर को दिखाएंगे।
- मुुनेंद्र कुमार, वाहनपुर
दो दिन से बुखार आ रहा था। डॉक्टर को दिखाया, उन्होंने दवा लिख दी। बताया कि वायरल बुखार है। एक सप्ताह उपचार लेना होगा। दवा काउंटर पर गए तो तीन प्रकार की दवा दे दी। दो तरह की दवा उपलब्ध न होने की बात कही।
- आशीष सिंह, धुमरी
तरीख पर्चा
31 अगस्त- 1459
1 सितंबर- 1560
2 सितंबर- 1630
3 सितंबर - 1720
4 सितंबर- अवकाश
5 सितंबर- 1820
सोमवार को मेडिकल कॉलेज की लैब में बुखार को लेकर 356 मरीजों की जांच की गई। अधिकांश जांचों में बुखार की कोई वजह नहीं आई। जिसे वायरल फीवर बताया गया। मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी विवेक पाराशर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की नई लैब तैयार हो रही है। जिसके शुरू होते ही अव्यवस्थाएं दूर हो जाएंगी। अभी प्राइवेट कंपनी पीओसिटी काम कर रही है। रिपोर्ट जल्द मरीजों को दी जाए। इसके लिए बोला जाएगा।