आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में सोमवार को वायरल बुखार के रिकॉर्ड 1188 मरीज आए। इसमें सबसे ज्यादा मरीज देहात क्षेत्र के हैं। इनको तेज बुखार, सिर में दर्द, उल्टी और बेचैनी की परेशानी है। दवा देकर चिकित्सक मच्छरों से बचने की नसीहत दे रहे हैं।
एसएन के मेडिसिन विभाग के डॉ. टीपी सिंह ने बताया कि सोमवार को आए कुल 2313 मरीजों में से मेडिसिन विभाग में 456, बाल रोग में 178 और इमरजेंसी में 75 मरीज आए। इनमें से 403 मरीज वायरल बुखार के मिले। इन्होंने तीन से चार दिन से तेज बुखार था। गले में दर्द, छाती में जकड़न और भूख न लगने की परेशानी बताई। इनमें से डेंगू-मलेरिया की आशंका पर 37 लोगों को जांच कराने के लिए भी कहा है। मधुमेह-रक्तचाप के मरीजों में बुखार से रक्तचाप भी अनियंत्रित मिला।
बाल रोग विभाग के डॉ. शिवप्रताप सिंह ने बताया कि ओपीडी में आने वाले बच्चों में 70 फीसदी को वायरल बुखार के मरीज हैं। इनमें पांच साल तक के बच्चों की संख्या अधिक है। उल्टी, पेट दर्द की भी परेशानी बता रहे हैं। तीन से पांच बच्चों को भर्ती भी करना पड़ रहा है। देहात के मरीजों की संख्या अधिक है।
आधे से अधिक मरीज देहात के
जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. एके अग्रवाल ने बताया कि सोमवार को 3350 से अधिक मरीज आए हैं। इनमें बुखार खांसी के 785 मरीज हैं। सबसे ज्यादा मरीज फतेहपुर सीकरी, पिनाहट, बाह, बिचपुरी समेत देहात के हैं। इनकी संख्या आधे से अधिक है। इनमें 20 से 30 मरीजों की हालत गंभीर मिल रही है। यह आसपास से दवा लेकर इलाज करते रहे, परेशानी बढ़ने पर अस्पताल दिखाने आए। रक्त संबंधी जांच कराने के साथ इनमें से 10 से 12 को भर्ती भी कर रहे हैं। वायरल बुखार सात से 10 दिन में पूरी तरह से ठीक हो रहा है।
इन बातों का रखें ख्याल
- बुखार आने पर डॉक्टर को दिखाकर दवा लें।
- बुखार उतरने पर दवाएं लेना बंद न करें।
- उबालने के बाद सामान्य होने पर पानी पीएं।
- दाल, सलाद, हरी सब्जी और फल खूब खाएं।
- मच्छरों का न पनपने दें, जलभराव होने पर मिट्टी का तेल छिड़क दें।
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