उ प्र सीमा में बह रही उटगन नदी पर पुल बनाए जाने की माग को लेकर ग्रामीण धरने पर बैठे
खेरागढ़। पार्वती नदी पर पुल की मांग पर खेरागढ़ क्षेत्र के गांव दनकसा के ग्रामीण बृहस्पतिवार को नदी किनारे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। पुल बनाने के लिए बीते कई वर्षों से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा रहे थे। पर सुनवाई नहीं हुई। खेरागढ़ तहसील, ब्लॉक, अस्पताल तक जाने के लिए ग्रामीणों को करीब 20 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि सुनवाई नहीं की गई तो सामूहिक भूख हड़ताल करेंगे।
तहसील क्षेत्र की राजस्थान सीमावर्ती पार्वती नदी के उस पार किनारे स्थित ग्राम पंचायत दनकसा के ग्रामीण आजादी के दशकों बाद भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझने को मजबूर हैं। गांव के पास बहने वाली नदी पर अभी तक पक्का पुल न बनने से ग्रामीणों को तहसील, ब्लॉक कार्यालय एवं बच्चों को रोज़ाना जोखिम भरा सफर तय कर अयेला, खेरागढ़ पढ़ने जाना पड़ता है। बारिश के दिनों में स्थिति और बदतर हो जाती है। दूसरे पक्की सड़क के रास्ता से राजस्थान के बरेठा से सैंया होते हुए करीब 20 किलोमीटर दूरी तय करनी पड़ती है। धरना देने वाले ग्रामीणों में मनीष सिकरवार, बबलू सिकरवार, पप्पू सिंह, कंपोटर सिंह, सौरभ उपाध्याय, एतन सिंह, निरंजन सिंह, राधेश्याम, गिर्राज सिंह आदि हैं।
रेत की बोरियों से बनाए अस्थाई रास्ते को भी कराया बंद
बीते 9 दिसंबर को परेशान ग्रामीणों ने नदी में रेत की बोरियों से खुद अस्थाई रास्ता बनाया था ताकि बच्चों की पढ़ाई और मरीजों की जान को खतरा न रहे। लेकिन प्रशासन को जानकारी मिलते ही नदी में हादसे की आशंका जताते हुए तहसील से पहुंचे राजस्वकर्मी ने निर्माण को रोकते हुए रास्ते पर आवागमन को रोक दिया है।