यमुना नदी में खड़े होकर सार्वजनिक रास्तों पर हुए कब्जों के विरोध में प्रदर्शन किया
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राधास्वामी सत्संग सभा पर डूब क्षेत्र और रास्तों पर कब्जे का आरोप लगाते हुए रविवार को सिकंदरपुर स्थित नगला चतुरा के यमुना घाट पर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। शासन-प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा यदि डूब क्षेत्र और रास्ते खाली नहीं हुए तो सामूहिक रूप से ग्रामीण यमुना में जल समाधि लेंगे।
खासपुर, नगला तल्फी, लाल गढ़ी, सिकंदरपुर, मनोहपुर, जगन्नाथ पुरी के ग्रामीणों में डूब क्षेत्र व चकरोड पर हुए कब्जों को लेकर खासा रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक संस्था भूमाफिया कृत्य कर रही है। रास्तों में बैरिकेडिंंग व गेट लगाकर ग्रामीणों का निकलना बंद करा दिया है। शासन-प्रशासन राजनीतिक दबाव में कार्रवाई नहीं कर रहा। जिसके विरोध में रविवार सुबह 10 बजे ग्रामीण सिकंदरपुर स्थित यमुना घाट पर एकत्र हुए। नदी में खड़े होकर प्रदर्शन किया।
खासपुर प्रधान भरत सिंह ने कहा कि ग्रामीणों के साथ अन्याय हो रहा है, शासन-प्रशासन हमें न्याय दे। पूर्व प्रधान विजय सिंह ने कहा कि न्याय नहीं मिला तो पांच गांव के लोग सामूहिक रूप से जल समाधि लेंगे। जिसके लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार होगी। पूर्व जिला पंचायत सदस्य भूरी सिंह ने कहा कि 2009 में जो पानी की लाइन तोड़ी थी उसे दोबारा जोड़ा जाए। ग्रामीणों को नहर से पानी दिया जाए। हाथों में तख्तियां लेकर ग्रामीणों ने नदी में खड़े होकर प्रदर्शन किया। इस दौरान जगवीर सिंह, अंग्रेज, नवल सिंह, मुकेश कुमार, एलम सिंह, चरण सिंह, गुलाब सिंह आदि मौजूद रहे।