मैनपुरी के विकास खंड करहल की ग्राम पंचायत विरसिंहपुर में फर्जी शैक्षिक अभिलेखों के आधार पर पंचायत सहायक की नियुक्ति कर दी गई। वहीं पात्र आवेदक के अभिलेख गायब कर दिए गए। शिकायत के बाद जांच में ग्राम विकास अधिकारी पर आरोप साबित हो गए। डीडीओ विनोद कुमार ने ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया है।
बीते वर्ष हुई थी शिकायत
बीते वर्ष ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक का चयन हुआ था। ग्राम पंचायत विरसिंहपुर में तैनात ग्राम विकास अधिकारी राजीव राना मोहिनी पत्नी आशीष का चयन किया गया। चयन में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए निशा यादव निवासी बजरतलिया द्वारा शिकायत की गई। इसमें कहा गया था कि उनके आवेदन में से जाति प्रमाण पत्र गायब कर दिया गया, जिसके कारण उनका चयन नहीं हो सका।
जांच में आरोप पाए गए सही
मामले की जांच खंड विकास अधिकारी करहल ने की। इसमें आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पंचायत सहायक का चयन निरस्त कर जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से राजीव राना को 17 नवंबर 2021 को नोटिस जारी किया गया। कई बार प्रयास के बाद भी जवाब न मिलने पर डीडीओ/सीडीओ विनोद कुमार ने ग्राम विकास अधिकारी राजीव राना को निलंबित कर दिया।
कुरावली ब्लॉक में तैनात हैं ग्राम विकास अधिकारी
वर्तमान में राजीव कुरावली ब्लॉक में तैनात हैं। निलंबन आदेश बीडीओ कुरावली के माध्यम से भेजा गया है। डीडीओ विनोद कुमार ने बताया कि पंचायत सहायक भर्ती में अनियमितता की शिकायत पर जांच कराई थी। चयन गलत पाया गया था, जिसे निरस्त कर दिया था। ग्राम विकास अधिकारी इसमें दोषी पाए गए हैं। उन्हें निलंबित किया गया है।
बीडीओ मैनपुरी करेंगे जांच
डीडीओ ने मामले की जांच बीडीओ मैनपुरी श्वेतांक पांडेय को सौंपी है। उन्होंने एक माह में जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। निलंबन काल के दौरान राजीव राना को विकास खंड जागीर से संबद्ध किया गया है।