हर गांव का सर्वे होगा। इनमें से 25 सबसे गरीब परिवार चिन्हित किए जाएंगे। इन परिवारों को सशक्त बनाने के लिए आवास, स्वरोजगार सहित विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ दिया जाएगा।
आगरा के गांव-गांव गरीबों की तलाश होगी। 25 सबसे निर्धन परिवार छांटे जाएंगे। जिनके पास कच्चा मकान है और भूमिहीन हैं। दिहाड़ी मजदूर हैं या खाने-पहनने की तंगी रहती है। ऐसे परिवारों को गरीब से बाहर निकाला जाएगा। इसके लिए उन्हें आवास, स्वरोजगार सहित विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
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जिले में 690 ग्राम पंचायत हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत में सबसे निर्धन 25 परिवारों को चिह्नित करने के लिए सर्वे शुरू हो रहा है। पहले चरण में परिवारों का डाटा फीडिंग करेंगे। फिर इन परिवारों को प्रधान, पूर्व प्रधान व अन्य सदस्यों की कमेटी सत्यापित करेगी। इसके बाद इन्हें विभिन्न योजनाओं से सीधे जोड़ने की कवायद की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह ने बताया कि मुख्य सचिव के आदेश पर सर्वे कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाना और विकास की मुख्य धारा से जोड़ना है। ऐसे परिवारों को चिह्नित करने के बाद उन्हें योजनाओं से जोड़कर गरीबी से बाहर निकाला जाएगा।
पीएम आवास के लिए डोर-टू-डोर सर्वे
प्रधानमंत्री आवास योजना के दूसरे चरण में डोर-टू-डोर सर्वे भी शुरू हो गया है। पीएम आवास योजना की शर्तों में बदलाव के बाद नए सिरे से छूटे हुए लोगों को शामिल किया जाएगा। इसके बाद पंचायत स्तर पर खुली बैठक होगी। इसमें कच्चे घर वाले परिवारों को योजना में शामिल किया जाएगा।