शहर में पिछले करीब 400 वर्षों से निकाली जा रही एतिहासिक दशहरा शोभायात्रा गुरुवार को श्रीराम चंद्र जी महाराज मंदिर खातीपाड़ा लोहामंडी से निकाली गई। परंपरागत मार्ग पर भ्रमण करती हुई शोभायात्रा सेंट जोंस चौराहा स्थित वैश्य हास्टल प्रांगण में पहुंची, जहां रावण दहन और माता जानकी मिलन की लीला के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
शोभायात्रा का शुभारंभ शाम को महाआरती के साथ हुआ। मथुरा इस्कान मंदिर से आए भगवान रामचंद्र, सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, वीर हनुमान और वानर सेना की आरती भक्ति अनुराग जनार्दन जी महाराज, विधायक जगन प्रसाद गर्ग और रवि प्रकाश अग्रवाल ने की। यात्रा प्रारंभ होने पर आयोजन समिति के पदाधिकारियों विपिन चौधरी, महेंद्र खंडेलवाल, राहुल चतुर्वेदी, हेमंत प्रजापति, रामदास कटारा, राकेश राजपूत, विनय अग्रवाल आदि ने स्वरूपों का माल्यार्पण किया। माल्यार्पण के बाद राम और रावण की बीच युद्ध की लीला का मंचन किया गया। इसके बाद राम के जयघोष के साथ शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा परंपरागत मार्ग राजामंडी स्टेशन रोड, तोता का ताल, आलमगंज, लोहामंडी बाजार, बल्देव गंज, राजा मंडी बाजार, एमजी रोड, सेंट जोंस चौराहा स्थित वैश्य बोर्डिंग हाउस पहुंची। यहां राम और रावण की सेना के बीच भयंकर युद्ध हुआ। करीब एक घंटे तक चले युद्ध में राम ने रावण को परास्त कर दिया। इसके बाद रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। इसके बाद भव्य आरती की गई।
बेटी बचाओ का दिया संदेश
शोभायात्रा में करीब 30 झांकियां शामिल की गई थीं। इसमें राम, रावण के डोलों के अलावा मुख्य आकर्षण बकासुर की 18 फुट ऊंची झांकी, बेटी बचाओ का संदेश देती झांकी, 12 ज्योर्तिंलिंग, श्रीराम दरबार की झांकी, माता वैष्णो और राधा कृष्ण की फूलों की होली की झांकी शामिल थी। शोभायात्रा का कई जगह फूलों वर्षा कर स्वरूपों की आरती उतारकर स्वागत किया गया। यात्रा में पार्षद प्रेमा वर्मा, साक्षी बैजल, संजय अग्रवाल, लखपत लाल, श्यामानंद, टीटू पंडित, मटरू सिंह,गौरव लोधी, मौनी पारिख, प्रवीण अग्रवाल, दिनेश पाठक, राम कुमार, अन्नू मलिक, सौभाग्य पाठक, अंकुर पाठक आदि शामिल रहे।
24 को होगी राजगद्दी की लीला
राजगद्दी कार्यक्रम के संयोजक पार्षद राजपाल यादव ने बताया कि भगवान राम के अयोध्या पहुंचने और राजगद्दी पर विराजमान होने की लीला 24 अक्तूबर को गणेश पार्क तोता का ताल पर होगी। इस कार्यक्रम इस्कान मंदिर वृंदावन के कलाकार भजन प्रस्तुत करेंगे। महिलाएं थाल सज्जा और महाआरती का आयोजन करेंगी।