रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े गए आगरा के संयुक्त शिक्षा निदेशक आरपी शर्मा
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ताजनगरी आगरा में उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) टीम ने शनिवार को माध्यमिक शिक्षा विभाग के मंडलीय संयुक्त निदेशक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। विजिलेंस ने इसे शिक्षक की शिकायत पर पकड़ा। ये कार्यालय के बाहर तीन लाख की रिश्वत ले रहे थे। इसी समय टीम ने उन्हें धर लिया। संयुक्त निदेशक की गिरफ्तारी से शिक्षा जगत में खलबली मच गई।
एसपी विजिलेंस शगुन गौतम ने बताया कि सेक्टर-तीन, आवास विकास कॉलोनी निवासी शिक्षक अजयपाल सिंह, डीसी वैदिक इंटर कालेज, शाहगंज में सहायक अध्यापक हैं। शिक्षक ने विजिलेंस में शिकायत में कहा कि फर्जी नियुक्ति से संबंधित शिकायत में शिकायतकर्ता के पक्ष में रिपोर्ट लगाने की एवज में उनसे 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। इस पर विजिलेंस टीम ने संयुक्त शिक्षा निदेशक की निगरानी और कॉल रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। विजिलेंस को प्राथमिक जांच में तथ्य सही मिले।
इस पर ट्रैप करने के लिए शनिवार की शाम करीब 7 बजे रिश्वत की पहली किश्त तीन लाख रुपये लेकर शिक्षक को पंचकुइयां स्थित संयुक्त शिक्षा निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) कार्यालय में भेजा गया। यहां शिक्षक से बातचीत के बाद रामप्रताप शर्मा (आरपी शर्मा) कार्यालय के बाहर आकर अपनी गाड़ी में बैठ गए। इसी वक्त रिश्वत की रकम भी उनकी गाड़ी में रखी गई।
विजिलेंस की टीम ने उन्हें गाड़ी से ही रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस पर उनके चालक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने विजिलेंस की टीम को रोकने की कोशिश की मगर अपना परिचय देने पर दोनों कर्मचारी इस केस से संबंधित फाइल को लेकर भाग निकले। एसपी विजिलेंस ने बताया कि संयुक्त शिक्षा निदेशक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जा रही है। उन्हें मेरठ विजिलेंस कोर्ट में पेश किया जाएगा।
तीन किश्तों में देनी थी रकम
पीड़ित शिक्षक ने विजिलेंस को बताया कि शिकायत के निस्तारण के लिए 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। इसमें पहली किश्त तीन लाख रुपये देना तय हुआ था। दूसरी किश्त दो लाख रुपये और पांच लाख रुपये की अंतिम किश्त देनी थी।